मेरठ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत गुरुवार रात मेरठ पहुंचे। लखनऊ से वंदे भारत ट्रेन के जरिए आगमन के दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन पर उतरते ही संघ के स्वयंसेवकों ने स्वागत किया।

इसके बाद जेड प्लस सुरक्षा के तहत सरसंघचालक का काफिला शताब्दीनगर स्थित माधवकुंज पहुंचा, जहां उन्होंने रात विश्राम किया। शुक्रवार को मोहन भागवत मेरठ और ब्रज प्रांत की खिलाड़ी संवाद गोष्ठी में शामिल होंगे और खिलाड़ियों के प्रश्नों के उत्तर देंगे।

नेताओं को कार्यक्रम में प्रवेश नहीं

दो दिवसीय प्रवास के दौरान नेताओं को सरसंघचालक से दूर रखा जाएगा। किसी भी नेता को कार्यक्रम स्थल पर आने की अनुमति नहीं है। कार्यक्रम स्थल पर वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर लगाया गया है और इसे 30 व्यवस्थाओं में बांटा गया है, जिसमें स्वयंसेवकों की नियुक्ति की गई है।

जेड प्लस सुरक्षा में कड़े इंतजाम

सरसंघचालक मोहन भागवत को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। उनके आगमन के समय और माधवकुंज में भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। बिना प्रवेशिका के आरएसएस पदाधिकारियों को भी माधवकुंज में प्रवेश नहीं दिया गया।

खिलाड़ियों से संवाद

20 फरवरी को माधवकुंज के मैदान में लगे हैंगर में लगभग 500 खिलाड़ी और प्रशिक्षक शामिल होंगे। सरसंघचालक उनके प्रश्नों का उत्तर देंगे। इस कार्यक्रम में पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना, भुवनेश्वर कुमार, प्रो. युद्धवीर सिंह, पैरा खिलाड़ी समेत 28 जिलों के खिलाड़ी मौजूद रहेंगे। 21 फरवरी को भागवत विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुखों के साथ संवाद करेंगे और इसके बाद उत्तराखंड के लिए प्रस्थान करेंगे।

वंदे भारत ट्रेन पर पत्थरबाजी

वाराणसी से मेरठ जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस की C-4 बोगी के दो शीशे हरदोई के पास पत्थर लगने से टूट गए। जांच में पता चला कि रेलवे ट्रैक किनारे कुछ बच्चे खेल रहे थे। ट्रेन में सरसंघचालक मोहन भागवत भी मौजूद थे।

घटना की सूचना मुरादाबाद कंट्रोल रूम द्वारा आरपीएफ को दी गई। मौके पर सीओ सिटी अंकित मिश्रा, आरपीएफ कमांडेंट अशोक कुमार और जीआरपी प्रभारी निरीक्षक पंकज भास्कर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया है।