पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर नेपाल सीमा तक फैले प्रस्तावित 750 किमी लंबे शामली-गोरखपुर ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत लगभग 35 हजार करोड़ रुपये है और इसका निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की रुड़की इकाई करेगी।

एनएचएआई ने रुड़की इकाई को तीन चरणों में गजट अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए हैं। पहले चरण में सभी संबंधित तहसीलों, गांवों और किसानों की सूची की अधिसूचना 31 जनवरी तक जारी होने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली की एक निजी कंपनी ने इस परियोजना की डीपीआर तैयार की है और भूमि का ड्रोन सर्वेक्षण भी पूरा हो चुका है।

एनएचएआई रुड़की इकाई के इंजीनियर नवीन कुमार ने बताया कि अधिसूचना की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और अगले तीन वर्षों में यह एक्सप्रेसवे बनकर तैयार होने की संभावना है।

मुख्य एक्सप्रेसवे से होगी कनेक्टिविटी
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, लखनऊ-गोरखपुर एक्सप्रेसवे, अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे दिल्ली, देहरादून और मसूरी तक आवागमन सुगम होगा और गंगा किनारे बसे गांव और शहर भी इसका लाभ उठाएंगे।

रूट और जिलों की जानकारी

  • पश्चिमी यूपी: बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली

  • मध्य यूपी: बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ

  • पूर्वी यूपी: बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर

  • अन्य जिलों में: रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, संभल

मुख्य तहसीलें:
संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, हरदोई, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, संभल, बिजनौर, अमरोहा, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली।