स्कूलों में अब 9वीं कक्षा से पढ़ाया जाएगा 'इमरजेंसी' का इतिहास, NCERT ने किया बड़ा बदलाव

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक में देश में लगाए गए आपातकाल को शामिल किया है। इसके साथ ही अब छात्र नौवीं कक्षा से ही भारतीय लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण दौर के बारे में पढ़ सकेंगे। इससे पहले आपातकाल का विषय मुख्य रूप से 11वीं और 12वीं कक्षा के राजनीतिक विज्ञान पाठ्यक्रम का हिस्सा था।
देश में 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल लागू किया गया था, जो लगभग 21 महीने तक प्रभावी रहा। नई पाठ्यपुस्तक में इस अवधि से जुड़े प्रमुख घटनाक्रमों और लोकतंत्र पर उसके प्रभाव का उल्लेख किया गया है।
लोकतंत्र और आपातकाल पर विशेष फोकस
एनसीईआरटी की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक ‘अंडरस्टैंडिंग सोसायटी: इंडिया एंड बियांड’ में लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियों पर आधारित अध्याय के अंतर्गत आपातकाल को विस्तार से शामिल किया गया है। पुस्तक में बताया गया है कि आपातकाल कब लागू हुआ, कितने समय तक चला और इस दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर क्या प्रभाव पड़ा।
साथ ही जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन और उस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया गया है। छात्रों को लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका और उसकी जिम्मेदारियों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार हुई पुस्तक
यह पाठ्यपुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप तैयार की गई है। नई किताब में भारतीय इतिहास, संस्कृति और सभ्यता से जुड़े विषयों को अधिक स्थान दिया गया है, जबकि कुछ यूरोप-केंद्रित अध्यायों को हटाया गया है।
पाठ्यक्रम से फ्रांसीसी क्रांति, यूरोप में समाजवाद, रूसी क्रांति, नाजीवाद, हिटलर का उदय और उपनिवेशवाद जैसे विषयों को बाहर किया गया है।
प्राचीन सभ्यताओं पर भी विशेष जोर
नई पुस्तक में छात्रों को हड़प्पा, मेसोपोटामिया, मिस्र और चीन जैसी प्राचीन सभ्यताओं के बारे में पढ़ाया जाएगा। इनमें इन सभ्यताओं के विकास, भौगोलिक विस्तार और सामाजिक संरचना से संबंधित जानकारी शामिल की गई है।
इसके अलावा सुमेरियन सभ्यता की सिंचाई व्यवस्था, निर्माण तकनीक और सामाजिक संगठन जैसे विषयों को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
भारतीय ज्ञान परंपरा को भी मिला स्थान
पुस्तक में भारतीय ज्ञान परंपरा को दैनिक जीवन से जोड़कर समझाने का प्रयास किया गया है। पंचमहाभूत—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—की अवधारणा के माध्यम से प्रकृति और मानव जीवन के संबंध को सरल तरीके से समझाया गया है।
प्राकृतिक आपदाओं से बचाव की जानकारी
नई किताब में ‘लैंडस्लाइड’ नामक एक पाठ भी जोड़ा गया है। इसके जरिए विद्यार्थियों को भूस्खलन, पत्थरों और मलबे के गिरने जैसी प्राकृतिक घटनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही ऐसी आपात परिस्थितियों में सुरक्षा उपायों और बचाव के तरीकों से भी अवगत कराया जाएगा।
एनसीईआरटी का कहना है कि नई पाठ्यपुस्तक केवल तथ्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को समाज, इतिहास, भूगोल और लोकतंत्र की व्यावहारिक समझ विकसित करने में भी मदद करेगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.