हिमाचल में भारी बारिश और भूस्खलन से सड़कें बंद, आपदा प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी

हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक तीन नेशनल हाईवे समेत राज्य की 586 सड़कें बंद रहीं। साथ ही 806 बिजली ट्रांसफार्मर और 364 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। कुल्लू में 204, मंडी में 156, शिमला में 57, कांगड़ा में 44, चंबा में 35 और सिरमौर में 32 सड़कें बंद हैं। राजधानी शिमला और आस-पास के क्षेत्रों में मौसम आज भी खराब बना हुआ है।
भूस्खलन से पिपली गांव में खतरा:
बीती रात हुई भारी बारिश के कारण पिपली गांव के पास भूस्खलन हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार भूस्खलन अभी भी जारी है, जिससे कुछ मकानों और गोशालाओं को खतरा बढ़ गया है। पंचायत प्रधान इंदर सिंह ने बताया कि एक मकान प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से खाली कराया जा रहा है। लोग रातभर डर के मारे जागते रहे और अपने परिवार और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले गए। उन्होंने प्रशासन से तुरंत राहत और स्थायी समाधान की मांग की। वहीं, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील भी जारी की गई है।
भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी:
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में 18 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा। कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है। 13 और 14 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर अंधड़ और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बीती रात मुरारी देवी में 75.0 मिमी, मंडी 61.8 मिमी, सुंदरनगर 52.4 मिमी, स्लापड़ 46.6 मिमी, कांगड़ा 43.7 मिमी, घाघस 40.0 मिमी, जोगिंद्रनगर 27.0 मिमी, बग्गी 17.9 मिमी, कसौली 17.2 मिमी और धर्मपुर में 14.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया:
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को भरमौर विधानसभा के तहत आपदा प्रभावित हड़सर क्षेत्र का दौरा किया। इस क्षेत्र में भारी बारिश और भूस्खलन से गंभीर क्षति हुई है। हड़सर वही स्थान है जहां से पवित्र मणिमहेश यात्रा शुरू होती है। आपदा के कारण मार्ग बाधित हो गए थे, जिन्हें खोला जा रहा है। ठाकुर ने सरकार और प्रशासन से जल्द राहत देने का आग्रह किया ताकि प्रभावित लोग सामान्य जीवन में लौट सकें।
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