यूपी विधानसभा चुनाव के लिए जल्द ही आचार संहिता की घोषणा होने वाली है। इस दौरान प्रदेश में सियासी उठापटक भी जारी है। सोमवार को बहराइच से भाजपा विधायक माधुरी वर्मा सहित पूर्व विधान परिषद सदस्य कांति सिंह सहित बसपा के कई बड़े नेता सपा में शामिल हो गए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी को पार्टी की सदस्यता दिलाई और उनका स्वागत किया।

इन नेताओं में बसपा के वरिष्ठ नेता व अंबेडकरनगर से पूर्व सांसद राकेश पांडेय भी हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरह से अलग-अलग पार्टियों के नेता सपा पर विश्वास दिखा रहे हैं। उससे ये साफ है कि भाजपा चुनाव हारने जा रही है और सपा की सरकार बनने वाली है।

सपा सरकार आने पर जातीय जनगणना होगी
सपा कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार बनी तो जातीय जनगणना करवाई जाएगी। सपा को जनता का समर्थन मिल रहा है। जबकि प्रधानमंत्री और दूसरे भाजपा नेताओं की रैलियों में सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए भीड़ लाई जा रही है। सपा का विजयरथ चल रहा है और अपार जनसमूह हमारे साथ आ रहा है। प्रदेश का युवा और किसान सभी परेशान हैं। तीन महीने बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होना तय है। जनता ने ये बता दिया है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार यूपी आ रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उनकी जमीन खिसक रही है।

इस मौके पर सपा अध्यक्ष के साथ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर सहित कई बड़े नेता मौजूद थे। उम्मीद की जा रही है कि इसी सप्ताह चुनाव आयोग आचार संहिता की घोषणा कर देगा। आयोग के अफसरों ने प्रदेश का दौरा किया और कहा कि कोरोना की आशंका के कारण चुनाव टालने की कोई योजना नहीं है। चुनाव तय समय पर ही होंगे।