शुक्रवार को वैलेंटाइंस डे के मौके पर घरेलू सर्राफा और कमोडिटी बाजार में सोना-चांदी ने तेज़ रफ्तार पकड़ ली। एमसीएक्स पर चांदी करीब 8,110 रुपये उछलकर 2,44,545 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई, जबकि सोने में लगभग 3,266 रुपये की मजबूती दर्ज हुई।
घरेलू बाजार का हाल
दिल्ली में 24 कैरेट सोना बढ़कर करीब 1,57,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, वहीं मुंबई में यह लगभग 1,57,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बोला गया। इससे एक दिन पहले सर्राफा बाजार में गिरावट दिखी थी—दिल्ली में सोना करीब 2,400 रुपये टूटकर 1,58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 13,500 रुपये फिसलकर 2.55 लाख रुपये प्रति किलो रह गई थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला सपोर्ट
वैश्विक मोर्चे पर भी कीमती धातुओं में मजबूती रही। हाजिर सोना लगभग 4,968 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि कॉमेक्स पर सोना करीब 5,046 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ—दिन के भीतर लगभग 2% की छलांग के साथ। चांदी भी 3% से ज्यादा चढ़कर लगभग 77.96 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
अमेरिकी महंगाई आंकड़ों से बदला रुख
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुमान से कम आने से डॉलर पर दबाव बना और निवेशकों ने सुरक्षित ठिकाने के तौर पर सोना-चांदी की ओर रुख किया। जनवरी 2026 में अमेरिकी महंगाई 2.40% रही, जो 2.50% के बाजार अनुमान से कम थी, हालांकि दिसंबर 2025 से यह 0.30% अधिक है।
आगे का आउटलुक
विश्लेषकों का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद कीमती धातुओं में दीर्घकालिक तेजी कायम है। ब्रोकरेज एमके वेल्थ का कहना है कि अनुकूल वैश्विक मैक्रो स्थितियां, मजबूत संरचनात्मक मांग और निवेशकों की बदलती प्राथमिकताएँ अगले 3–5 वर्षों तक सोना-चांदी को सहारा दे सकती हैं।
वैश्विक निवेश बैंक जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोना 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखने के लिए सोना-चांदी होल्ड करें और गिरावट के दौर में चरणबद्ध खरीदारी करें—क्योंकि मौजूदा कमजोरी को लंबी तेजी के बीच एक सुधार माना जा रहा है।