वित्त वर्ष 2025-26 समाप्त होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में कई लोग आखिरी समय में टैक्स बचाने के विकल्प तलाशने लगते हैं। अगर आपने अभी तक आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत निवेश नहीं किया है, तो मार्च का महीना आपके लिए अंतिम अवसर हो सकता है। अच्छी बात यह है कि कुछ ऐसे निवेश विकल्प उपलब्ध हैं जिन्हें घर बैठे ऑनलाइन और तुरंत किया जा सकता है। धारा 80C के तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है, लेकिन इसके लिए निवेश 31 मार्च से पहले करना जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे पांच विकल्प, जिनमें जल्दी और आसानी से निवेश किया जा सकता है।

ELSS म्यूचुअल फंड
इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) टैक्स बचाने के लिए लोकप्रिय निवेश विकल्पों में से एक है। इसमें निवेश करने पर धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। इस स्कीम का लॉक-इन पीरियड केवल तीन साल का होता है, जो अन्य टैक्स सेविंग विकल्पों की तुलना में कम है। इसमें निवेश ऑनलाइन कुछ ही मिनटों में किया जा सकता है और लंबे समय में इक्विटी बाजार से बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
पब्लिक प्रोविडेंट फंड सुरक्षित और लंबी अवधि का निवेश विकल्प माना जाता है। इसमें किया गया निवेश भी धारा 80C के तहत टैक्स लाभ देता है। इसकी ब्याज दर सरकार द्वारा तय की जाती है और इसकी मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है। बैंक या डाकघर के माध्यम से ऑनलाइन भी इसमें पैसा जमा किया जा सकता है। यह विकल्प उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो कम जोखिम के साथ स्थिर रिटर्न चाहते हैं।

टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट
बैंकों द्वारा दी जाने वाली टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट भी 80C के अंतर्गत टैक्स बचाने का एक तरीका है। इसमें कम से कम पांच साल का लॉक-इन पीरियड होता है। निवेश नेट बैंकिंग या बैंक शाखा के जरिए किया जा सकता है। हालांकि, इसमें मिलने वाले ब्याज पर टैक्स देना पड़ता है।

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम एक अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। इसके अलावा धारा 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपये तक की छूट का लाभ भी लिया जा सकता है। इस तरह कुल मिलाकर दो लाख रुपये तक टैक्स बचाने का अवसर मिलता है। इसमें भी ऑनलाइन निवेश की सुविधा उपलब्ध है।

लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम
अगर आपने जीवन बीमा पॉलिसी ले रखी है, तो उसके प्रीमियम पर भी धारा 80C के तहत टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है। इसमें टर्म प्लान और पारंपरिक बीमा योजनाएं शामिल होती हैं। प्रीमियम का भुगतान ऑनलाइन भी किया जा सकता है, जिससे यह सुरक्षा और टैक्स बचत दोनों का फायदा देता है।

सबसे जल्दी निवेश का विकल्प
अगर 31 मार्च से पहले जल्दी टैक्स बचाने की योजना बना रहे हैं, तो विशेषज्ञ आमतौर पर ELSS म्यूचुअल फंड को सबसे तेज और आसान विकल्प मानते हैं। इसमें निवेश ऑनलाइन कुछ ही मिनटों में किया जा सकता है, लॉक-इन अवधि कम होती है और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना भी रहती है।