वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ चल रहे तनाव और संभावित युद्ध को समाप्त करने को लेकर एक बड़ा समझौता लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि इस समझौते से जुड़े दस्तावेजों को जल्द ही अंतिम रूप देकर आने वाले दिनों में हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।

ट्रंप के अनुसार, इस समझौते का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार हासिल न करे। उन्होंने इसे अमेरिका की दीर्घकालिक नीति का सबसे अहम लक्ष्य बताया।

यूरोप में हो सकता है हस्ताक्षर कार्यक्रम

अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि इस समझौते पर हस्ताक्षर का कार्यक्रम यूरोप में आयोजित किया जा सकता है और इसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की भूमिका अहम हो सकती है। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों पर अंतिम काम तेजी से चल रहा है और समझौता जल्द ही पूरा हो सकता है।

ईरान बातचीत के लिए अधिक इच्छुक: ट्रंप

ट्रंप ने दावा किया कि हाल के घटनाक्रमों के बाद ईरान बातचीत के लिए पहले से अधिक तैयार नजर आ रहा है। उनके मुताबिक, इस समझौते से न केवल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होगा, बल्कि इसका सकारात्मक असर पूरे पश्चिम एशिया पर पड़ेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की मौजूदा स्थिति पहले की तुलना में अधिक व्यावहारिक हो गई है और वह कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ रहा है।

परमाणु हथियार पर सख्त शर्त

ट्रंप ने दोहराया कि इस समझौते के तहत ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने और न ही हासिल करने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका की नीति का मूल आधार रहा है और इससे वैश्विक स्थिरता को मजबूती मिलेगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी बड़ा दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि समझौता लागू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति में सुधार होगा और कीमतों में गिरावट संभव है। उन्होंने दावा किया कि हाल के समय में इस क्षेत्र में कई सैन्य गतिविधियों को अंजाम दिया गया है, जिससे ईरान की क्षमता पर असर पड़ा है।

ट्रंप ने इस संभावित समझौते को अपनी प्रशासन की एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया और कहा कि इससे वैश्विक स्तर पर शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।