नई दिल्ली। मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द किए जाने को लेकर जारी कानूनी विवाद में गुरुवार को उन्हें तत्काल राहत नहीं मिल सकी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की तुरंत सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा कि इस पर कल सुनवाई की जाएगी।

यह याचिका कांग्रेस की ओर से दो सदस्यीय पीठ के समक्ष मेंशन की गई, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस प्रशांत कुमार कर रहे हैं। पार्टी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर रोक लगाने की मांग की और इसे जल्द हस्तक्षेप योग्य मामला बताया।

सिंघवी ने अदालत के सामने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RP Act) की धारा 33A का हवाला देते हुए दलील दी कि नामांकन रद्द करने का निर्णय गंभीर कानूनी प्रश्न खड़ा करता है। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से उठाई गई आपत्तियों को अदालत के समक्ष रखा।

हालांकि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया। पीठ ने स्पष्ट किया कि कानून में इस तरह के मामलों को लेकर स्थिति स्पष्ट है और पिछली मिसालों के आधार पर अगली सुनवाई में विस्तार से विचार किया जाएगा।

सिंघवी ने इस बात पर भी जोर दिया कि नामांकन की अंतिम तारीख आज है, ऐसे में तत्काल हस्तक्षेप जरूरी है। लेकिन अदालत ने मामले को कल सूचीबद्ध करने का निर्देश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।