रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बड़ा कूटनीतिक संकेत सामने आया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वह यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से किसी तीसरे देश में मुलाकात करने के लिए तैयार हैं, बशर्ते यह बैठक एक अंतिम और व्यापक शांति समझौते को औपचारिक रूप देने के लिए हो। यह पहली बार है जब पुतिन ने रूस के बाहर किसी बैठक की संभावना का उल्लेख किया है।

विक्ट्री डे परेड के बाद मीडिया से बातचीत में पुतिन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी जेलेंस्की के साथ संवाद से इनकार नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी किसी भी बैठक का उद्देश्य केवल समझौते पर हस्ताक्षर करना होना चाहिए, न कि बातचीत की प्रक्रिया शुरू करना।

पुतिन ने इस संभावित मुलाकात के लिए एक अहम शर्त भी रखी है। उनके अनुसार, तीसरे देश में बैठक तभी संभव होगी जब दोनों पक्षों के बीच पहले से एक पूर्ण और दीर्घकालिक शांति समझौते पर सहमति बन चुकी हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यूक्रेन चाहे तो बातचीत के लिए मॉस्को आने का विकल्प भी मौजूद है।

रूसी राष्ट्रपति ने यह भी सुझाव दिया कि शुरुआती वार्ताएं विशेषज्ञ स्तर पर होनी चाहिए, ताकि सभी तकनीकी और विवादित मुद्दों को पहले ही सुलझाया जा सके। उन्होंने 2014 और 2015 में बेलारूस में हुए मिन्स्क समझौतों का हवाला देते हुए कहा कि लंबी राजनीतिक चर्चाएं अक्सर परिणाम नहीं देतीं, इसलिए इस बार प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और परिणाम-उन्मुख होनी चाहिए।

गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था और अब यह लंबे समय से जारी संघर्ष का रूप ले चुका है। इससे पहले सितंबर 2025 में भी पुतिन ने चीन यात्रा के दौरान जेलेंस्की से मुलाकात की संभावना जताई थी, हालांकि तब उन्होंने बैठक के लिए मॉस्को का विकल्प रखा था।

अब रूस के बाहर बैठक की संभावना जताकर पुतिन ने शांति प्रक्रिया को लेकर एक नया कूटनीतिक संकेत दिया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।