पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने और विधानसभा भंग किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद सामने आया है। जहां एक ओर राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के सोशल मीडिया प्रोफाइल को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा को गुरुवार को औपचारिक रूप से भंग कर दिया गया। राज्यपाल आर.एन. रवि ने संविधान के अनुच्छेद 174 (2)(बी) के तहत यह आदेश जारी किया, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया। विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो चुका था।
इसके बावजूद ममता बनर्जी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स—फेसबुक और एक्स (पूर्व ट्विटर)—पर अभी भी उन्हें ‘माननीय मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल’ के रूप में दर्शाया जा रहा है। इस बदलाव को अब तक अपडेट नहीं किए जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा भंग होने के बाद अब राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 293 में से 207 सीटों पर जीत हासिल कर बहुमत प्राप्त किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई।
चुनावी परिणामों के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया और परिणामों को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे और भाजपा तथा चुनाव आयोग पर “मतों की गड़बड़ी” जैसे दावे किए थे। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने से इनकार भी किया था।
फिलहाल राज्य में नई राजनीतिक स्थिति के बीच सरकार गठन की तैयारी चल रही है, जबकि ममता बनर्जी के सोशल मीडिया प्रोफाइल को लेकर उठे सवाल भी चर्चा में बने हुए हैं।