मेरठ में अगले केंद्रीय बजट से शहर के करीब 50 हजार छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME), खेल और आभूषण उद्योग को नई गति मिलने की संभावना है। वहीं कर विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार अमेरिका और ब्रिटेन की तर्ज पर पति-पत्नी की संयुक्त आयकर रिटर्न की सुविधा भी दी जा सकती है, जिससे करों में राहत मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन के प्रांतीय सदस्य संजीव गुप्ता का कहना है कि भारत में भी इस सुविधा की संभावना है। सीए अनुपम शर्मा ने बताया कि यदि एक साथी की आय कम है, तो संयुक्त रिटर्न फाइलिंग से कुल कर का बोझ कम हो सकता है। इससे होम लोन या हेल्थ इंश्योरेंस जैसे संयुक्त निवेशों पर कर कटौती भी आसान होगी। हालांकि उच्च आय वर्ग के लिए यह चुनौती पेश कर सकता है, क्योंकि कुल आय बढ़ने पर वे सीधे 30% कर के दायरे में आ सकते हैं।
खेल और आभूषण उद्योग में उम्मीद
चैंबर फॉर डेवलपमेंट एंड प्रमोशन और एमएसएमई के सचिव आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि शहर के खेल उद्यमी राष्ट्रीय स्तर पर 2030 और 2036 की योजनाओं पर काम कर रहे हैं। वे उम्मीद कर रहे हैं कि बजट में उनके प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे।
बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने कहा कि मेरठ का आभूषण उद्योग राष्ट्रीय पहचान बना रहा है और खेल उद्योग की तरह इसे भी बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।
वेस्टर्न यूपी चैंबर ऑफ कामर्स की सचिव सरिता अग्रवाल ने बताया कि बजट में रोजगार सृजन और निर्यात को बढ़ावा देने पर ध्यान होगा। कस्टम प्रक्रियाओं को सरल बनाने और रिफंड व इंसेंटिव सिस्टम को मजबूत करने की संभावना है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर
सरिता अग्रवाल ने यह भी कहा कि बजट में रैपिड और मेट्रो एक्सपेंशन पर ध्यान दिया जा सकता है। साइबर क्राइम रोकने के लिए भी प्रभावी प्रावधान हो सकते हैं, क्योंकि मेरठ में हाल ही में करोड़ों रुपये का साइबर फ्रॉड हुआ था।
सांसद अरुण गोविल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर मेरठ–पानीपत रेल लाइन के निर्माण के लिए स्वीकृत 2200 करोड़ रुपये जल्द जारी करने और हस्तिनापुर–बिजनौर रेल लाइन को प्राथमिकता देने की मांग की। इससे महाभारतकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा सांसद ने नई दिल्ली से बृजघाट (हापुड़) तक ईएमयू ट्रेन, मेरठ से बंगलूरू, कोलकाता और तमिलनाडु के लिए सीधी रेल सेवाएं, इनर और आउटर रिंग रोड का पूर्ण निर्माण, 11 लाख टन कूड़े का निस्तारण और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की भी सिफारिश की।