केंद्रीय बजट 2026 में दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर और हस्तिनापुर में उत्खनन स्थल व व्याख्या केंद्र की घोषणा से जिले के विकास और पर्यटन में नई रफ्तार आने की उम्मीद है। गंगा एक्सप्रेसवे के लिंक एक्सप्रेसवे से हाईस्पीड रेल कॉरिडोर जुड़ने से व्यापारी, श्रद्धालु और पर्यटक कम समय में यात्रा कर सकेंगे।

इससे हरिद्वार, मथुरा, प्रयागराज, वाराणसी और हस्तिनापुर जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। एक्सप्रेसवे और हाईस्पीड रेल के संयोजन से व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को मजबूती मिलेगी।

हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का विस्तार

बजट में देश के सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिसमें दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर भी शामिल है। यह ट्रेनें अनुमानित तौर पर 300 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी, जिससे वर्तमान में 10-12 घंटे लगने वाली यात्रा केवल लगभग 4 घंटे में पूरी हो सकेगी।

दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का रूट:

  • दिल्ली–नोएडा–जेवर–मथुरा–आगरा–इटावा–लखनऊ–रायबरेली–प्रयागराज–भदोही–वाराणसी

  • कुल दूरी: लगभग 816-865 किमी

गंगा एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे (मेरठ-प्रयागराज) का लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मेरठ और हस्तिनापुर को जोड़ेगा। लिंक एक्सप्रेसवे लगभग 74-76 किलोमीटर लंबा होगा और इसका 20 किलोमीटर हिस्सा यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में, जबकि लगभग 9 किलोमीटर एलिवेटेड होगा।

इस कनेक्टिविटी से मेरठ के खेल और आभूषण उद्योग का निर्यात बढ़ेगा और नोएडा एयरपोर्ट से हाईस्पीड ट्रेन के माध्यम से वाराणसी और लखनऊ तक यात्रा आसान होगी।

भविष्य की योजनाएं और दीर्घकालिक लाभ

बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया गया है। नई परियोजनाओं और लिंक मार्गों से शहरी विकास, मिक्स्ड यूज प्रोजेक्ट्स और कमर्शियल अवसर बढ़ेंगे। फेज-2 में प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार ग्रीन फिल्ड लिंक (मुजफ्फरनगर-रुड़की) से चार धाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए मार्ग आसान होगा।

रियल एस्टेट क्षेत्र को सीधे राहत नहीं मिली, हालांकि आयकर पेनल्टी में ढील और प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग में इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी जैसे उपायों से बिल्डरों के लिए निवेश और फंडिंग के अवसर बढ़ेंगे।

रेडा के कमल ठाकुर ने कहा कि नए प्रोजेक्ट्स पर टैक्स या राहत नहीं मिली है, जबकि एमडी एपेक्स ग्रुप अतुल गुप्ता ने बताया कि पेनल्टी में ढील से रियल एस्टेट निवेश को बढ़ावा मिलेगा।