विदेश यात्रा, पढ़ाई या नौकरी के लिए पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे लोगों के लिए अब जेब और ढीली करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी करते हुए नई दरें जारी कर दी हैं। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी 'पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026' के अनुसार यह बदलाव 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होंगे।
वयस्कों के लिए नई फीस
18 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदकों के लिए पासपोर्ट शुल्क में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
- 36 पेज पासपोर्ट: पहले 1,500 रुपये लगते थे, अब सामान्य शुल्क बढ़कर 2,500 रुपये हो गया है। तत्काल सेवा के लिए 5,000 रुपये देने होंगे।
- 60 पेज (जंबो) पासपोर्ट: अब 3,500 रुपये शुल्क तय किया गया है, जबकि तत्काल सेवा के लिए 6,000 रुपये चुकाने होंगे।
बच्चों के पासपोर्ट पर भी असर
18 वर्ष से कम आयु के आवेदकों के लिए भी फीस बढ़ा दी गई है।
- 36 पेज पासपोर्ट: पहले 1,000 रुपये, अब 1,750 रुपये
- तत्काल सेवा: 4,250 रुपये
नाबालिगों का पासपोर्ट 5 वर्ष या 18 वर्ष की उम्र तक, जो भी पहले हो, वैध रहता है।
खोए या खराब पासपोर्ट पर बढ़ा खर्च
पासपोर्ट गुम होने या खराब होने की स्थिति में अब नया या डुप्लीकेट पासपोर्ट बनवाना और महंगा हो गया है।
- 36 पेज रिप्लेसमेंट: 5,000 रुपये (नॉर्मल), 7,500 रुपये (तत्काल)
- 60 पेज रिप्लेसमेंट: 6,000 रुपये (नॉर्मल), 8,500 रुपये (तत्काल)
- बच्चों का 36 पेज रिप्लेसमेंट: 4,250 रुपये (नॉर्मल), 6,750 रुपये (तत्काल)
अन्य दस्तावेजों के शुल्क में भी बदलाव
पासपोर्ट से जुड़े अन्य प्रमाणपत्रों की फीस भी संशोधित की गई है।
- पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट और अन्य वेरिफिकेशन: 750 रुपये
- सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी: 1,000 रुपये
कुछ वर्गों को राहत जारी
सरकार ने राहत के तहत 8 वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को नए आवेदन पर 10 प्रतिशत शुल्क छूट जारी रखने का प्रावधान रखा है।
नई दरों के लागू होने के बाद पासपोर्ट बनवाने वालों को अपना बजट पहले से तैयार करना होगा। हालांकि वयस्कों का पासपोर्ट पहले की तरह 10 वर्षों तक वैध रहेगा।