भारत ने ओमान की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना की हालिया कार्रवाई को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले में अमेरिका के मिशन प्रमुख जेसन मीक्स को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।

साउथ ब्लॉक में हुई बैठक के दौरान भारत ने स्पष्ट किया कि समुद्र में चल रहे नागरिक और व्यापारिक जहाजों पर किसी भी प्रकार की घातक सैन्य कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। भारत का कहना है कि इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के नियमों के खिलाफ हैं और क्षेत्रीय स्थिरता को भी प्रभावित करती हैं।

जानकारी के अनुसार, यह मामला उन वाणिज्यिक जहाजों से जुड़ा है जिन पर हाल ही में ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसैनिक बलों द्वारा कार्रवाई की गई थी। इन जहाजों पर भारतीय नाविक भी सवार थे, जिसे लेकर भारत ने गंभीर चिंता जताई है।

विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी पक्ष को यह भी संदेश दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि समुद्री मार्गों पर काम करने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इससे पहले भी इसी मुद्दे पर भारत ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिससे यह साफ है कि सरकार इस मामले को लेकर लगातार निगरानी बनाए हुए है।