नई दिल्ली/इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई 15 लोगों की मौत को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए प्रशासनिक लापरवाही और सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने लिखा कि इंदौर में लोगों को पानी के नाम पर ज़हर मिला, जबकि प्रशासन गहरी नींद में सोया रहा। उन्होंने कहा कि शहर के कई इलाकों में शोक का माहौल है, गरीब परिवार पूरी तरह असहाय हैं और इस बीच सत्तारूढ़ दल के नेताओं के बयान अहंकार से भरे हुए नजर आ रहे हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नागरिकों ने बार-बार बदबूदार और गंदे पानी की शिकायत की, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि आखिर सीवर का पानी पीने की सप्लाई में कैसे मिल गया और समय रहते जल आपूर्ति बंद क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यह सामान्य सवाल नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने की मांग है। राहुल गांधी ने जोर देते हुए कहा कि साफ पानी कोई उपकार नहीं, बल्कि नागरिकों का मूल अधिकार है और इस अधिकार की अनदेखी के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है।

उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश लगातार प्रशासनिक विफलताओं का उदाहरण बनता जा रहा है—कभी दवाओं से मौतें, कभी अस्पतालों में लापरवाही और अब दूषित पानी से लोगों की जान जा रही है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब भी गरीबों पर संकट आता है, केंद्र सरकार चुप्पी साध लेती है।

खरगे ने भी भाजपा सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस घटना को लेकर भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान का प्रचार करने वाली सरकार इंदौर में हुई मौतों पर खामोश है। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा रखने वाले इंदौर में लोग आज भी साफ पानी के लिए तरस रहे हैं।

खरगे ने आरोप लगाया कि बीते 11 वर्षों से देश को तथाकथित ‘डबल इंजन सरकार’ के बड़े-बड़े दावे सुनाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। उन्होंने कहा कि जब सरकार से सवाल किए जाते हैं, तो जवाब देने के बजाय आलोचकों पर ही हमला किया जाता है। खरगे ने दावा किया कि जल जीवन मिशन समेत कई योजनाओं में भ्रष्टाचार हुआ है और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।