देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष के लगातार आरोपों के बीच राज्य के मंत्री सुबोध उनियाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास ठोस सबूत हैं तो सामने लाए जाएं, सरकार किसी भी जांच से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने साफ किया कि इस मामले में गठित एसआईटी की जांच को सत्र न्यायालय से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक वैध ठहराया जा चुका है। अदालतों ने भी स्पष्ट किया था कि सीबीआई जांच की आवश्यकता नहीं है।
तीन साल पुराने इस हत्याकांड ने हाल ही में एक वायरल वीडियो के बाद फिर से तूल पकड़ लिया है। वीडियो सामने आने के बाद देहरादून से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने मामले में कथित ‘वीआईपी’ का नाम उजागर करने और सीबीआई जांच की मांग तेज कर दी है, जबकि भाजपा ने इसे चुनावी राजनीति करार दिया है।
वायरल वीडियो से भड़का विवाद
पूरा विवाद भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए एक फेसबुक लाइव के बाद शुरू हुआ। वीडियो में महिला ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक ‘वीआईपी गट्टू’ का जिक्र किया और उसे भाजपा का बड़ा नेता बताया। साथ ही, एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य का नाम भी लिया गया। महिला ने यह भी सवाल उठाया कि हत्या वाले दिन वह वीआईपी वहां क्या कह रहा था और एक कथित ऑडियो का हवाला दिया, जिसमें पूरी जानकारी होने का दावा किया गया। इसके बाद यह मामला चर्चा के केंद्र में आ गया।
कांग्रेस का आरोप, सीबीआई जांच की मांग
वीडियो सामने आने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली में प्रेस वार्ता कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने वायरल वीडियो दिखाते हुए कहा कि सरकार सच्चाई दबाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि दस दिनों के भीतर इसकी सिफारिश नहीं की गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
भाजपा का पलटवार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव से पहले वीआईपी का मुद्दा उछालकर अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाना चाहती है। भट्ट ने सवाल किया कि अगर कांग्रेस को वीआईपी की जानकारी है तो नाम क्यों नहीं बताती। उन्होंने कहा कि उस समय डीजीपी ने सार्वजनिक रूप से अपील की थी, लेकिन न तब कोई सामने आया और न अब। भाजपा का आरोप है कि अपुष्ट और छेड़छाड़ किए गए वीडियो के जरिए कांग्रेस राजनीति कर रही है, जबकि संबंधित महिला के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड का पूरा मामला
18 सितंबर 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम कर रही अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। करीब एक हफ्ते बाद नहर से शव बरामद हुआ। एसआईटी जांच के बाद रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों के खिलाफ लगभग 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 97 गवाह सूचीबद्ध किए, जिनमें से 47 के बयान दर्ज हो चुके हैं।
मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर हत्या, साक्ष्य छिपाने, छेड़छाड़ और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए। सह-आरोपी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर भी गंभीर धाराओं में मुकदमा चला और बाद में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
बताया जाता है कि घटना से पहले अंकिता ने अपने दोस्त पुष्पदीप को रिजॉर्ट में एक वीआईपी के आने की जानकारी दी थी और यह भी कहा था कि उस पर अतिरिक्त सेवाएं देने का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, उस कथित वीआईपी की पहचान आज तक सार्वजनिक नहीं हो सकी है।