चमोली (उत्तराखंड)। ज्योतिर्मठ के औली रोड पर स्थित सेना कैंप में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। कैंप के अंदर एक स्टोर में लगी आग ने कई सामान को जलाकर राख कर दिया। तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैल गई, जिससे आसपास के इलाके में डर और दहशत का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही सेना के जवान, फायर ब्रिगेड और आईटीबीपी की टीम मौके पर पहुंची और आग को फैलने से रोकने की कोशिश में जुट गई। आग पर काबू पाने का कार्य फिलहाल जारी है। बताया जा रहा है कि स्टोर में पुराने और इस्तेमाल न होने वाले सामान रखे थे, जो आग की लपटों की चपेट में आ गए।
ज्योतिर्मठ के कोतवाल देवेंद्र रावत ने बताया कि आग दोपहर 2 बजे लगी और लगभग 100 जवान तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। हालांकि, तेज हवा और धुएं की वजह से आग पर पूरी तरह से नियंत्रण अभी तक नहीं पाया जा सका है।
पिछली आग की घटनाओं का संदर्भ
उत्तराखंड में हाल ही में कई अग्निकांड की घटनाएं हुई हैं। 28 दिसंबर को रुद्रप्रयाग के पर्यटक स्थल चोपता में कूड़ा घर जलकर राख हो गया। अगले दिन, 29 दिसंबर को उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक के सट्टा गांव में दो आवासीय भवन आग की चपेट में आ गए। 31 दिसंबर को नैनीताल के बीडी पांडे अस्पताल के गोदाम में भी भीषण आग लगी, जिसमें सामान और दोपहिया वाहन जल गए।
सर्दियों के मौसम और जंगलों में सूखी घास की वजह से अल्मोड़ा, नैनीताल और चमोली जिले में वनाग्नि की घटनाओं में इजाफा हुआ है। हाल ही में चमोली के गोविंद घाट रेंज में लगी आग को वनकर्मियों ने मुश्किल से काबू किया।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सेना और फायर ब्रिगेड की टीमें आग लगने के कारणों की जांच कर रही हैं और जल्द ही स्थिति नियंत्रण में लाने का प्रयास किया जाएगा।