कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें रिजिजू ने राहुल गांधी को देश की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक व्यक्ति बताया था। पायलट ने इसे “अपमानजनक और अनुचित” करार देते हुए कहा कि रिजिजू को तुरंत अपने बयान को वापस लेना चाहिए और इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पायलट ने कहा कि विपक्ष के नेता संवैधानिक पद रखते हैं और उनकी सुरक्षा के लिए खतरा बताना बिल्कुल गलत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब आम पत्रकार सरकार की आलोचना करते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो जाती है और उन्हें जेल भेजा जाता है, लेकिन जब लोकसभा में विपक्ष के नेता को धमकी दी जाती है तो सरकार चुप रहती है। पायलट के अनुसार, यह सरकार की वास्तविक नीयत को दर्शाता है।
इंडिया गठबंधन पर पायलट की बात
इंडिया गठबंधन में नेतृत्व परिवर्तन के सवाल पर पायलट ने कहा कि यह गठबंधन का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया था और एनडीए के मुकाबले सीटों का अंतर ज्यादा नहीं था। पायलट ने भरोसा जताया कि गठबंधन मिलकर मजबूती से काम करता रहेगा।
अन्य मुद्दों पर पायलट की टिप्पणी
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले पर पायलट ने कहा कि बिना अटकलें लगाए पारदर्शी और समय पर जांच होनी चाहिए। अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में अवैध रूप से रहने वाले किसी भी व्यक्ति को हटाया जाना चाहिए, लेकिन इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
पायलट ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि विपक्ष हमेशा किसानों और जनता के हित में सवाल उठाता रहेगा। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी जोर दिया और कहा कि भारत एक बड़ी IT शक्ति है, जिसे सही दिशा में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।