पूर्व मेदिनीपुर में शनिवार को प. बंगाल सरकार में अतिक्रमण हटाने से नाराज जेल मंत्री अखिल गिरि द्वारा महिला वन अधिकारी को धमकी देने और अपशब्द कहने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। राज्य में विपक्षी भाजपा द्वारा व्यापक विरोध के बाद अब टीएमसी ने उनसे इस्तीफा मांगा है। साथ ही पार्टी ने अखिल गिरी से महिला अधिकारी से माफी मांगने को कहा है। वहीं, पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी में गिरि ने कहा कि वह इस्तीफा दे देंगे, लेकिन माफी नहीं मांगेंगे। गिरी रामनगर के विधायक हैं। बता दें कि राज्य वन विभाग की महिला अधिकारी मनीषा साहू को धमकी देने और दुर्व्यवहार करने का वीडियो क्लिप सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया था।

इमेल कर दूंगा इस्तीफा : गिरि
इस पर गिरि ने कहा कि किसी भी अधिकारी से माफी मांगने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। हालांकि, उन्होंने अपनी टिप्पणी पर खेद जताया। उन्होंने कहा, मैं आज रात अपना इस्तीफा ईमेल करूंगा और सोमवार को विधानसभा में इसे व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सौंप दूंगा। एक अन्य टीएमसी प्रवक्ता जय प्रकाश मजूमदार ने कहा कि पार्टी अपने सदस्यों के इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करती है। उन्होंने स्वीकार किया कि गिरि के गुस्से ने पार्टी की छवि को कुछ हद तक खराब किया है।

क्या था मामला
पूर्व मेदिनीपुर के कांथी रेंज की वन अधिकारी मनीषा साहू जिले के ताजपुर समुद्र तट के वन क्षेत्र में अतिक्रमण हटा रही थीं, जो मंत्री अखिल गिरि को पसंद नहीं आया। गिरि ने महिला अधिकारी से कहा कि आप सरकारी कर्मचारी हैं। बोलते वक्त सिर झुका कर बात करें। यही नहीं मंत्री ने यह कहकर धमकाया कि अगर आपने इस मामले में दोबारा दखल देने की कोशिश की तो वह यह सुनिश्चित करेंगे आप सही सलामत न लौट सकें।

भाजपा ने मुद्दे को दिया तूल
बंगाल भाजपा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें गिरि स्थानीय दुकानदारों के सामने महिला वन अधिकारी को धमकाते दिख रहे हैं। गिरि ने दो साल पहले द्रौपदी मुर्मू की राष्ट्रपति पद पर नियुक्ति के वक्त उनके रंग रूप पर भी घटिया टिप्पणी की थी। पूर्व मेदिनीपुर के कांथी रेंज की वन अधिकारी मनीषा साव जिले के ताजपुर समुद्र तट के वन क्षेत्र में अतिक्रमण हटा रही थीं, जो मंत्री अखिल गिरि को पसंद नहीं आया। गिरि ने महिला अधिकारी से कहा कि आप सरकारी कर्मचारी हैं। बोलते वक्त सिर झुका कर बात करें।

भाजपा ने साधा निशाना
बंगाल भाजपा ने सोशल मीडिया पर कहा कि क्या ममता बनर्जी अपने मंत्री को बाहर निकालकर सलाखों के पीछे डालने की हिम्मत करेंगी? भाजपा के राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह टीएमसी की संस्कृति है।