मुजफ्फरनगर में 103.90 किलो गांजा बरामद, ट्रक सवार आरोपी गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- पुलिस ने एनएच-58 पर चेकिंग के दौरान ट्रक को रोका।
- बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 52 लाख रुपये बताई गई।
- आरोपी की पहचान मेरठ निवासी शिवा के रूप में हुई है।
मुजफ्फरनगर में नशे के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन सवेरा के तहत नई मंडी पुलिस ने कथित गांजा तस्करी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ट्रक में छिपाकर 103.90 किलो गांजा ले जा रहा था। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 52 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने गांजा तस्करी में इस्तेमाल ट्रक को भी कब्जे में लिया है।
बुधवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस लाइन सभागार में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर ट्रक के जरिए गांजा लेकर मुजफ्फरनगर पहुंचने वाले हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में इसकी सप्लाई करते हैं। इसके बाद पचेंडा बाइपास के पास एनएच-58 पर चेकिंग शुरू कराई गई।
एनएच-58 पर संदिग्ध ट्रक की तलाशी
नई मंडी पुलिस टीम पचेंडा बाइपास के पास वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। पुलिस के मुताबिक, ट्रक के अंदर छिपाकर रखा गया 103.90 किलो गांजा बरामद हुआ। इसके बाद ट्रक में सवार मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र के बिजली बंबा बाइपास निवासी शिवा पुत्र धीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
गांजे के साथ ट्रक भी पुलिस ने कब्जे में लिया
पुलिस ने बरामद गांजे की कीमत करीब 52 लाख रुपये आंकी है। आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। गांजा ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। बरामदगी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
आंध्र प्रदेश से गांजा लाकर कई जिलों में सप्लाई का दावा
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में शिवा ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर मादक पदार्थों की तस्करी करने की बात बताई है। पुलिस का दावा है कि गिरोह आंध्र प्रदेश से गांजा खरीदकर उसे ट्रक में छिपाकर लाता था। इसके बाद मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली समेत आसपास के जिलों में इसे ऊंचे दाम पर बेचा जाता था।
तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश
अब पुलिस कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच की जा रही है। गांजा कहां से खरीदा जाता था और इसे अलग-अलग जिलों तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका थी, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
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