मुजफ्फरनगर में आजाद समाज पार्टी का प्रदर्शन, विनोद साहनी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग

HIGHLIGHTS
- प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग रखी।
- पार्टी ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद और सुरक्षा देने की मांग की।
- ज्ञापन में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की बात कही गई।
मुजफ्फरनगर। कलेक्ट्रेट परिसर में रविवार शाम करीब 5 बजे आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने गोंडा में विनोद साहनी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी में रोके जाने की सूचना मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन की अगुवाई जिलाध्यक्ष दिनेश बावरा ने की।
दिनेश बावरा ने कहा कि विनोद साहनी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए चंद्रशेखर आजाद ने गोंडा जाने की घोषणा की थी। उनके मुताबिक, बाराबंकी में पुलिस प्रशासन ने चंद्रशेखर आजाद को रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार दलित और पिछड़े वर्गों के हितों के खिलाफ काम कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हत्याकांड के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता और सुरक्षा देने की मांग भी की गई।
चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने पर जताया विरोध
आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी में रोके जाने का भी विरोध किया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ अनुचित और प्रोटोकॉल के विपरीत व्यवहार किया गया। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
जनप्रतिनिधियों की संवैधानिक मर्यादा का मुद्दा उठाया
पार्टी की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि किसी निर्वाचित सांसद या जनप्रतिनिधि के साथ संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी ने पीड़ित परिवार और मामले में आवाज उठाने वाले लोगों के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग भी रखी।
पीड़ित परिवार की सुरक्षा और शस्त्र की मांग
दिनेश बावरा ने पीड़ित परिवार को दबंगों से सुरक्षा देने की मांग की। उन्होंने परिवार को शस्त्र उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। हालांकि, शस्त्र उपलब्ध कराने का फैसला संबंधित प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही लिया जा सकता है।
मामले की उच्चस्तरीय निगरानी की मांग
आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय निगरानी में जांच कराने और जांच में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने और जनप्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा किए जाने की मांग भी उठाई गई।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.