69000 शिक्षक भर्ती विवाद: आरक्षित वर्ग का लखनऊ में बड़े प्रदर्शन का ऐलान

69000 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने एक बार फिर आंदोलन का ऐलान किया है। बुधवार को राजधानी लखनऊ में बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन की तैयारी की गई है, जिसमें अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी शामिल होंगे।
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी अलर्ट मोड पर आ गई है। कई जिलों में आंदोलन की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को एहतियातन हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
सरकार पर पहल न करने का आरोप
आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का कहना है कि इस भर्ती मामले में लंबे समय से कोई ठोस सरकारी पहल नहीं की गई है, जिससे मामला लगातार अटका हुआ है। अभ्यर्थियों का दावा है कि सुनवाई के बावजूद समाधान की दिशा में कोई प्रगति नहीं हो रही है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे धनंजय गुप्ता और सुशील कश्यप ने कहा कि सरकार की निष्क्रियता के कारण मामला वर्षों से लंबित पड़ा है। इसी के विरोध में 22 अप्रैल को लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
छह साल से जारी संघर्ष
अभ्यर्थियों के अनुसार वे पिछले छह वर्षों से न्याय की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि हाईकोर्ट की डबल बेंच के फैसले के बाद सरकार ने लगभग 6800 अभ्यर्थियों की सूची जारी की थी, लेकिन अब तक नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई है।
जिलों में पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शन की घोषणा के बाद शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, सुल्तानपुर समेत कई जिलों में सक्रिय अभ्यर्थियों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। कुछ जगहों पर हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाई की भी खबर है।
इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने साफ किया है कि तय कार्यक्रम के अनुसार लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।
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