यूपी: चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर फेंके गए जूते-चप्पल, समर्थकों के साथ पहुंचे एसपी ऑफिस

HIGHLIGHTS
- रामनगर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चंद्रशेखर के काफिले को आगे बढ़ने से रोका गया।
- पुलिस ने चंद्रशेखर को सुरक्षा के बीच डाक बंगले पहुंचाया, जहां उन्होंने समर्थकों के साथ धरना दिया।
- पल्लवी पटेल का काफिला हंगामे के बीच गोंडा की ओर रवाना हुआ और उन्होंने विनोद साहनी के परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही।
गोंडा जाने से रोके जाने के बाद रामनगर से लखनऊ लौट रहे नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को शनिवार देर शाम शहर के पास पुलिस ने एक बार फिर रोक लिया। इससे नाराज चंद्रशेखर वाहन से नीचे उतरकर सीधे एसपी कार्यालय पहुंच गए। उनके पीछे समर्थकों की भीड़ भी एसपी कार्यालय पहुंच गई। यहां उन्होंने एएसपी साउथ रितेश कुमार सिंह से मुलाकात की और कार्यकर्ताओं पर पथराव का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि करणी सेना के अभिनव सिंह के इशारे पर पथराव किया गया।
चंद्रशेखर ने काफिले में शामिल एक वाहन का टूटा हुआ शीशा भी दिखाया। उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाए और कहा कि पथराव में बहराइच के जिलाध्यक्ष सुहैल अख्तर, भीम आर्मी के जिला सचिव श्रवण कुमार, अमर कुमार, नीरज कुमार और उपेंद्र कुमार घायल हुए हैं। इस मामले में एएसपी को दो तहरीरें दी गईं। अधिवक्ता सनी सिंह पटेल की ओर से दी गई तहरीर में पथराव का आरोप लगाया गया, जबकि आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष देशराज की तहरीर में कार्यकर्ताओं के घायल होने की बात कही गई। हालांकि, शहर कोतवाल ने बताया कि इस संबंध में अभी कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और मामले की जांच की जा रही है।
रामनगर में पुलिस ने काफिला रोका
गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रविवार दोपहर रामनगर में पुलिस ने रोक लिया। चंद्रशेखर के गोंडा पहुंचने को लेकर पुलिस पहले से अलर्ट मोड में थी। दोपहर करीब एक बजे उनका काफिला रामनगर पहुंचा तो हाईवे पर भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया।
गोंडा से आए एसडीएम अशोक कुमार गुप्ता, सीओ उदित नारायण पालीवाल और रामनगर की सीओ गरिमा पंत की अगुवाई में कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद थी। पुलिस अधिकारियों ने सांसद को यह कहते हुए आगे जाने से रोका कि उनके गोंडा जाने से वहां तनाव और हिंसा की स्थिति बन सकती है।
इसके बावजूद चंद्रशेखर ने वापस लौटने से इनकार कर दिया। इसी दौरान कुछ लोग अचानक काफिले के सामने पहुंच गए। उन्होंने रोहिणी घावरी को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर नारेबाजी की और सांसद के काफिले पर जूते-चप्पल फेंकने शुरू कर दिए। इससे हाईवे पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और दोनों पक्षों के बीच टकराव का माहौल पैदा हो गया।
पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को संभाला और चंद्रशेखर को कड़ी सुरक्षा के बीच डाक बंगले पहुंचाया। यहां नाराज सांसद समर्थकों के साथ हाईवे किनारे धरने पर बैठ गए। उन्होंने भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी के लिए पुलिसकर्मियों से माफी मांगने की मांग की।
चंद्रशेखर ने भाजपा सरकार पर लगाया आरोप
धरने के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि भाजपा सरकार भीम आर्मी से भयभीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पोषित गुंडे प्रदेश में खुलेआम अपराध कर रहे हैं और उन्हें सरकार का संरक्षण प्राप्त है। चंद्रशेखर ने गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी की हत्या को इसका सीधा प्रमाण बताया।
हाईवे पर हंगामे के बीच गोंडा निकलीं पल्लवी पटेल
हाईवे पर हंगामे के बीच पुलिस हालात संभालने में जुटी रही। इसी दौरान अपना दल (कमेरावादी) की विधायक पल्लवी पटेल का काफिला गोंडा की ओर निकल गया।
कुछ दूरी पर रुककर पल्लवी पटेल ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों को बचाने के लिए सरकार से जुड़े लोग उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। पल्लवी पटेल ने कहा कि वह विनोद साहनी के परिवार के साथ हमेशा खड़ी रहेंगी।
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