मुजफ्फरनगर में अनोखी कांवड़ यात्रा, पति-पत्नी ने एक ही कांवड़ उठाकर पेश की मिसाल

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर दिल्ली से आए पति-पत्नी एक ही कांवड़ को कंधों पर उठाकर चलते नजर आए, जिसे देखकर श्रद्धालु आकर्षित हुए।
- शिवम और शैफाली हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली लौट रहे हैं और पत्नी के स्वस्थ होने के संकल्प को पूरा करने के लिए कांवड़ यात्रा कर रहे हैं।
- यात्रा के दौरान पति के पैरों में दर्द होने पर पत्नी ने साथ निभाते हुए दोनों के एक ही कांवड़ उठाने का फैसला किया।
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान आमतौर पर शिवभक्त अलग-अलग कांवड़ लेकर चलते हैं, लेकिन मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। दिल्ली से आए एक दंपती एक ही कांवड़ को अपने-अपने कंधों पर उठाकर साथ-साथ चलते नजर आए। श्रद्धा, विश्वास और आपसी सहयोग की इस मिसाल को देखने के लिए लोग रुक गए। कई श्रद्धालुओं ने दंपती के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली लौट रहा दंपती
दिल्ली के तिलक नगर निवासी शिवम और उनकी पत्नी शैफाली हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर दिल्ली वापस लौट रहे हैं। दोनों पूरी यात्रा के दौरान एक ही कांवड़ को साथ उठाकर चल रहे हैं। शिव चौक पहुंचने पर "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया।
पत्नी के स्वस्थ होने पर पूरा कर रहे संकल्प
शिवम ने बताया कि पिछले साल उनकी पत्नी शैफाली गंभीर रूप से बीमार हो गई थीं। उस समय उन्होंने बाबा भोलेनाथ से पत्नी के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की थी और संकल्प लिया था कि ठीक होने के बाद दोनों साथ मिलकर कांवड़ यात्रा करेंगे।
उन्होंने बताया कि बाबा की कृपा से पत्नी की तबीयत में सुधार हुआ। इसके बाद दोनों 22 जुलाई को हरिद्वार की हर की पैड़ी से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकल पड़े।
पैरों में दर्द के बाद पत्नी ने संभाला साथ
शिवम ने बताया कि यात्रा के दौरान उनके पैरों में दर्द होने लगा था। इसके बाद पत्नी ने उनका साथ निभाने का फैसला किया और दोनों ने एक ही कांवड़ को मिलकर उठाना शुरू कर दिया। तब से दोनों पूरी यात्रा में एक समान गति से एक ही कांवड़ अपने-अपने कंधों पर उठाकर चल रहे हैं।
उनका कहना है कि यह यात्रा सिर्फ कांवड़ यात्रा नहीं है, बल्कि पति-पत्नी के विश्वास, सहयोग और मजबूत रिश्ते का प्रतीक भी है।
शैफाली ने बताया बीमारी के बाद लिया संकल्प
शैफाली ने बताया कि वह लंबे समय तक किडनी और लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। इलाज और बाबा भोलेनाथ की कृपा से अब उनकी सेहत में काफी सुधार हुआ है। इसी आस्था और संकल्प को पूरा करने के लिए वह अपने पति के साथ कांवड़ यात्रा कर रही हैं।
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