सागर में मिले 3.14 करोड़ रुपये रिटायर्ड इंजीनियर के नहीं, रमेश अहिरवार ने किया इनकार

HIGHLIGHTS
- पुलिस ने अलमारी से कुल 3.14 करोड़ रुपये नकद बरामद किए थे।
- रकम की गिनती के लिए पुलिस को नोट गिनने वाली मशीनें मंगानी पड़ीं।
- परिजनों ने पहले रकम को रिटायर्ड इंजीनियर रमेश अहिरवार की बताया था।
सागर के तिली तिगड्डा में पुलिस द्वारा बरामद किए गए 3.14 करोड़ रुपये रिटायर्ड इंजीनियर के नहीं हैं। लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त और संविदा पर कार्यरत रमेश अहिरवार ने रकम पर अपना मालिकाना हक होने से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उनका इस रकम से कोई संबंध नहीं है और मामले में उनका नाम बेवजह जोड़ा जा रहा है। रमेश अहिरवार के इनकार के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां अब नकदी के वास्तविक मालिक का पता लगाने में जुटी हैं।
दरअसल, पुलिस की टीम सोशल मीडिया पर एक युवक सौरभ अहिरवार की पिस्टल के साथ फोटो देखने के बाद उसकी जांच करने पहुंची थी। मकान की तलाशी के दौरान एक सील अलमारी मिली। उसका लॉक खुलवाने पर अंदर बैगों में बड़ी मात्रा में नकदी रखी मिली। पुलिस ने पूरी रकम जब्त कर ली।
उस समय सौरभ की दादी ने बताया था कि उनके रिश्तेदार रमेश अहिरवार भोपाल में बड़े अधिकारी रह चुके हैं और बरामद रकम उनकी तनख्वाह की है। परिजनों ने यह भी दावा किया था कि अलमारी उनके रिश्तेदार सेवानिवृत्त इंजीनियर रमेश अहिरवार की है, जिसे वह लॉक करके उसकी चाबी अपने साथ ले गए थे। हालांकि अब रमेश अहिरवार ने इन दावों से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि रकम से उनका कोई संबंध नहीं है और मामले में उनका नाम बेवजह घसीटा जा रहा है।
मुश्किल से खोली गई थी अलमारी
पुलिस मकान की तलाशी के दौरान पिस्टल की तलाश कर रही थी। टेप से बंद अलमारी के बारे में पूछने पर परिजनों ने पुलिस को बताया कि उसमें कागजात रखे हैं। चाबी नहीं मिलने पर पुलिस ने अलमारी का लॉक खुलवाया।
अलमारी के अंदर कपड़े के बैग रखे हुए थे। बैग खोलने पर उनमें नोटों की गड्डियां मिलीं। नकदी की मात्रा इतनी अधिक थी कि नोटों की गिनती के लिए पुलिस को मशीनें मंगानी पड़ीं। गिनती पूरी होने के बाद अलमारी से कुल 3.14 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए।
पिस्टल नहीं, लाइटर होने की बात सामने आई
पिस्टल को लेकर पूछताछ के दौरान सौरभ के परिजनों ने बताया कि फोटो में दिखाई दे रही वस्तु असली पिस्टल नहीं, बल्कि पिस्टल के आकार का लाइटर है।
सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि रकम जब्त करने के बाद परिजनों से पूछताछ की गई। अलमारी में रखी रकम के बारे में परिजनों द्वारा जानकारी नहीं होने की बात कहने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
पुलिस ने रकम के वास्तविक स्रोत और उसके मालिकाना हक की निष्पक्ष जांच के लिए आयकर विभाग को पत्र लिखा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों भाई टैक्सी चालक हैं और उन्होंने हाल ही में नया मकान बनवाया है।
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