सीएम योगी का युवाओं को संदेश, माफिया और नशे से रहें दूर; 500 और खिलाड़ियों को मिलेगी नौकरी

HIGHLIGHTS
- यूपी सरकार अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दे चुकी है।
- अगले एक महीने में 500 और पदक विजेताओं को नौकरी मिलने की बात कही गई।
- ओलंपिक गोल्ड विजेता को 6 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में नागपंचमी के अवसर पर आयोजित प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने माफिया प्रवृत्ति को युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, पेशेवर, खेल या ड्रग माफिया किसी भी प्रकार का माफिया युवाओं को नुकसान पहुंचाता है। युवा शक्ति को सुरक्षित रखने के लिए डबल इंजन सरकार की ओर से बढ़ाई गई खेल संस्कृति को सार्थक बनाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर युवाओं और खेलों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें युवाओं का इस्तेमाल करती थीं और उन्हें माफिया के चंगुल में छोड़ देती थीं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं के जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी माफिया की संपत्ति जब्त कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने पिछले 10-12 वर्षों में देश की खेल संस्कृति में आए व्यापक बदलाव का भी उल्लेख किया। खेलो इंडिया, फिट इंडिया, सांसद व विधायक खेलकूद प्रतियोगिता और ग्रामीण लीग जैसी पहल आगे बढ़ी हैं।
हाल ही में हुए कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के खिलाड़ी चौथे स्थान पर रहे और पदक हासिल किए। उत्तर प्रदेश के नौ खिलाड़ियों में से तीन ने एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज पदक जीता। प्रदेश सरकार ने खेल नीति के तहत पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की है। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को नौकरी दी जा चुकी है। इनमें सहायक निदेशक से लेकर डिप्टी एसपी तक के पद शामिल हैं।
अगले एक महीने में 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को यूपी पुलिस और अन्य विभागों में नौकरी मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही। ओलंपिक में गोल्ड पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 6 करोड़, सिल्वर पदक विजेता को 4 करोड़ और ब्रॉन्ज पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये दिए जाते हैं। ओलंपिक में प्रतिभाग करने पर 10 लाख रुपये और कॉमनवेल्थ व एशियाड में 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है।
खेल संस्कृति के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरकार के साथ समाज और स्वयंसेवी संगठनों को भी आगे आना होगा। उन्होंने निजी एकेडमियों को मदद देने की बात कही, क्योंकि ये संस्थान युवाओं को तैयार करने का काम करती हैं।
उन्होंने पुराने पहलवानों और उस्तादों के अखाड़ों के पंजीकरण, निर्माण और मैटिंग जैसी सुविधाओं में सहायता देने की बात कही। कोच और मैनेजरों को भी सहयोग मिले, इसके लिए व्यवस्था बनाने की बात कही गई। राज्य सरकार की खेल नीति निजी क्षेत्र के सहयोग का पूरा समर्थन करेगी।
मुख्यमंत्री ने गाजीपुर के ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल का उदाहरण दिया, जो निजी स्टेडियम से आगे बढ़े। उन्होंने बताया कि सरकार हर गांव में खेल का मैदान और ओपन जिम, हर विकास खंड में मिनी स्टेडियम और हर जनपद में स्टेडियम बनाने का प्रयास कर रही है।
नशे से दूर रहने और आत्म-अनुशासन की सलाह
योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को ड्रग और स्मार्टफोन के नशे से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ड्रग माफिया युवा पीढ़ी को खोखला करना चाहता है और इसके खिलाफ हर जागरूक नागरिक को लड़ना होगा।
उन्होंने स्मार्टफोन पर खर्च होने वाले 90 फीसदी समय को फिजूल बताया। युवाओं से 5-6 घंटे बचाकर कम से कम एक घंटा शरीर को देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर से स्वस्थ मस्तिष्क और सशक्त भारत का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के लिए आत्म-अनुशासन और आत्म-संयम को पहला नियम बताया। उन्होंने समय पर जागने और सोने, खान-पान का ध्यान रखने तथा गुरु-शिष्य परंपरा का पालन करने पर जोर दिया।
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