सिक्किम पुलिस हिरासत में आरोपी की मौत, तीन पुलिसकर्मी निलंबित

HIGHLIGHTS
- सिक्किम के सिंगताम थाने की हिरासत में NDPS मामले के आरोपी पूर्णे दर्जी की संदिग्ध मौत।
- घटना के बाद तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर न्यायिक और विभागीय जांच शुरू की गई।
- फॉरेंसिक जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच जारी।
गंगटोक। सिक्किम के सिंगताम पुलिस थाने की हिरासत में बंद एक आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान पूर्णे दर्जी के रूप में हुई है।
पूर्णे दर्जी मादक पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट), 1985 और सिक्किम एंटी ड्रग्स एक्ट, 2006 के तहत दर्ज मामले में पुलिस हिरासत में था।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने न्यायिक जांच के साथ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है। वहीं, घटना के समय लॉकअप ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, सिंगताम थाना पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया था। दर्ज मामले में सक्षम न्यायालय ने उसे 25 से 29 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा था।
पुलिस हिरासत में आरोपी की संदिग्ध मौत
मंगलवार तड़के पूर्णे दर्जी को सिंगताम थाने के लॉकअप में मृत पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मृतक के परिवार को सूचना दी और उन्हें शव देखने की अनुमति दी गई।
इसके बाद पुलिस ने पूरे लॉकअप परिसर को तत्काल सील कर दिया। घटनास्थल का निरीक्षण मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम), राबदांग एसडीएम, मृतक के परिजन, स्वतंत्र गवाह, राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएसएल) की टीम, अपराध शाखा/सीआईडी फोटोग्राफी दल और सिंगताम जिला अस्पताल के मेडिको-लीगल विशेषज्ञों की मौजूदगी में कराया गया।
पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर उसे साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 194 के तहत पंचनामा (इनक्वेस्ट) की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
वहीं, धारा 196(2) के तहत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक मजिस्ट्रियल जांच भी शुरू कर दी गई है। यह जांच पुलिस विभाग से पूरी तरह अलग होगी।
फॉरेंसिक टीम और न्यायिक मजिस्ट्रेट ने की जांच
पुलिस ने घटना की जानकारी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को निर्धारित 24 घंटे की अवधि के भीतर भेज दी है। साथ ही राज्य मानवाधिकार आयोग को भी मामले से अवगत कराया गया है।
मृतक का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के एक बोर्ड द्वारा एनएचआरसी के दिशा-निर्देशों और सर्वोच्च न्यायालय के डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य मामले में दिए गए निर्देशों के अनुसार पूरी वीडियोग्राफी के साथ कराया जा रहा है।
घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने की। वहीं, सीआईडी ने मौके की विस्तृत फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस ने लॉकअप से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, अभिरक्षा रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों को जब्त कर सुरक्षित रख लिया है।
अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज
इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत 29 जुलाई को सिंगताम थाने में अप्राकृतिक मृत्यु (यूडी) का मामला दर्ज किया गया है। इसकी जांच ऐसे अधिकारी को सौंपी गई है, जिसका मूल एनडीपीएस मामले की जांच से कोई संबंध नहीं है।
इसके अलावा विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
गंगटोक जिला पुलिस ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच कराई जाएगी। न्यायिक जांच, आपराधिक जांच या विभागीय जांच में यदि किसी तरह की लापरवाही, कदाचार या आपराधिक कृत्य सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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