बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी को बड़ी सफलता, आरोपी के घर से मिले कीमती उपहार और नकदी

HIGHLIGHTS
- बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी को बड़ी सफलता, आरोपी के सरकारी आवास से मिले कीमती उपहार और नकदी।
- देहरादून स्थित घर से बैंक खातों, संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े दस्तावेज बरामद।
- एसआईटी और जांच समिति कई कर्मचारियों से पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी।
देहरादून/गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम के चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी को पहली बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपी और बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के बदरीनाथ स्थित सरकारी आवास से मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कीमती उपहार और नकदी बरामद हुई है।
इस बरामदगी के बाद जांच को नया मोड़ मिला है। वहीं, देहरादून स्थित उसके घर की तलाशी में बैंक खातों, संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं। दो शहरों में हुई इस कार्रवाई के बाद एसआईटी अब पूरे मामले में जुड़े नेटवर्क और कथित अवैध कमाई के सुराग तलाश रही है।
पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए प्रमोद नौटियाल को लेकर एसआईटी मंगलवार देर रात बदरीनाथ पहुंची थी। बुधवार को उसकी मौजूदगी में पहले गणना स्थल, प्रोटोकॉल कार्यालय और अन्य संवेदनशील स्थानों की तलाशी ली गई।
इसके बाद आरोपी को बीकेटीसी के नीलकंठ वीवीआईपी गेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां प्रथम तल पर उसका सरकारी आवास है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि पांच जुलाई को देहरादून लौटते समय वह आवास से कुछ सामान साथ ले गया था।
एसआईटी पहले से इस इनपुट पर नजर रख रही थी। गेस्ट हाउस प्रबंधक की मौजूदगी में आवास का ताला खुलवाया गया, जहां से मंदिर से चोरी किए गए कीमती उपहार और पांच-पांच सौ रुपये के नोटों की नकदी बरामद हुई।
पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई। हालांकि जांच प्रभावित न हो, इसलिए बरामद सामान की संख्या और कीमत की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
वहीं, देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित आरोपी के घर पर घंटों चली तलाशी के दौरान एसआईटी ने संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी और अन्य अहम रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए।
सूत्रों के अनुसार, इन दस्तावेजों में देहरादून और चमोली में अर्जित संपत्तियों का रिकॉर्ड भी शामिल है। अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं चढ़ावे में कथित हेराफेरी की रकम का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने या अन्य निवेश में तो नहीं किया गया।
एसपी चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि पूछताछ लगातार जारी है। जांच में सामने आ रहे तथ्यों के आधार पर अन्य ठिकानों पर भी तलाशी ली जा रही है और मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है।
दफेदार से लेकर सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सहायक तक जांच के घेरे में
एसआईटी की कार्रवाई के साथ ही गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय जांच समिति ने भी जांच तेज कर दी है। दफेदार, भंडार प्रभारी, वरिष्ठ सहायक, लेखा लिपिक और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सहायक से देहरादून में पूछताछ शुरू कर दी गई है।
चढ़ावा और दानपात्रों की निगरानी करने वाले दफेदार को विशेष रूप से पूछताछ के लिए बुलाया गया है। दर्शन व्यवस्था में स्वयंसेवकों की तैनाती और निगरानी में दफेदार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
इसके अलावा मंदिर अधिकारी के निर्देश पर दानपात्रों को गणना स्थल तक पहुंचाने और गणना प्रक्रिया में भी उसकी भूमिका रहती है। सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा चोरी मामले में दफेदार की गवाही अहम मानी जा रही है।
चार अन्य कर्मचारियों को भी देहरादून बुलाया गया
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने धाम में सीसीटीवी निगरानी, लेखा और गणना से जुड़े चार कर्मचारियों को भी देहरादून तलब किया है।
बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि इन कर्मचारियों को देहरादून भेजा गया है। बताया गया कि गणना के दौरान सीसीटीवी निगरानी की जिम्मेदारी दो से अधिक कर्मचारियों की थी।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि अगर कर्मचारी निगरानी कर रहे थे तो चढ़ावे में कथित हेराफेरी की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों नहीं दी गई।
जांच में इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं
- कीमती उपहार सरकारी आवास तक कैसे पहुंचे?
- बरामद नकदी का स्रोत क्या है?
- क्या चढ़ावे की रकम से संपत्तियां खरीदी गईं?
- हेराफेरी में और कौन-कौन लोग शामिल थे?
- सीसीटीवी निगरानी के बावजूद चोरी कैसे होती रही?
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