एआई इम्पैक्ट समिट 2026: अश्विनी वैष्णव ने बताया जिम्मेदार एआई का रोडमैप

नई दिल्ली। भारत सरकार ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को लेकर स्पष्ट संकेत दिए हैं कि देश इसे अपनाने के साथ-साथ मजबूत कानूनी और तकनीकी ढांचा भी तैयार करेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी और रेल मंत्रालय) ने कहा कि एआई का उद्देश्य क्रिएटिव इकोनॉमी को सशक्त करना होना चाहिए, लेकिन इससे कॉपीराइट, रोजगार और संस्थागत भरोसे को नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि मानव रचनात्मकता की सुरक्षा सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान मोशन पिक्चर एसोसिएशन के चेयरमैन चार्ल्स रिवकिन के साथ चर्चा में वैष्णव ने कहा कि भारत एक टेक्नो-लीगल फ्रेमवर्क अपनाएगा। इसका मतलब यह है कि केवल कानून ही नहीं, बल्कि तकनीकी सुरक्षा उपाय भी साथ लागू होंगे। मंत्री ने कहा कि देश बौद्धिक संपदा अधिकारों और कंटेंट क्रिएटर्स की वैल्यू को मानता है, इसलिए इनोवेशन और कॉपीराइट के बीच संतुलन बेहद जरूरी है।
कॉपीराइट और एआई मॉडल पर बयान
वैष्णव ने बताया कि एआई मॉडल बड़ी मात्रा में सार्वजनिक और कॉपीराइट सामग्री पर प्रशिक्षित होते हैं, जिससे सवाल उठता है कि क्या मौजूदा सिस्टम क्रिएटर्स को उचित लाभ दे रहा है। उन्होंने नए गार्डरेल की जरूरत बताई, ताकि नवाचार बढ़े और बौद्धिक संपदा सुरक्षित रहे। उनके अनुसार केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं होगा, इसके लिए सहमति, तकनीकी उपाय और संयुक्त प्रणाली की आवश्यकता होगी।
तकनीकी सुरक्षा क्यों जरूरी?
मंत्री ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक नियम अकेले पर्याप्त नहीं हैं। एआई के लिए ऐसा ढांचा चाहिए जिसमें कानूनी प्रावधान और तकनीकी कंट्रोल एक साथ काम करें। इससे लेखन, मालिकाना हक, भुगतान और जवाबदेही के मुद्दों का बेहतर समाधान किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार जिम्मेदार एआई के उपयोग को बढ़ावा दे रही है ताकि जोखिम कम और लाभ अधिक हो।
सरकार का संतुलन प्रयास
वैष्णव ने कहा कि एआई खेती, मौसम पूर्वानुमान, जलवायु मॉडलिंग, नई सामग्री की खोज और उत्पादकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है। इसलिए सरकार का लक्ष्य है कि इसके लाभ पूरे मिलें और नुकसान सीमित रहे।
भारत की डिजिटल ताकत और स्किल डेवलपमेंट
मंत्री ने बताया कि भारत की बड़ी आबादी डिजिटल रूप से सक्षम है और व्यापक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध है। सरकार री-स्किलिंग, अप-स्किलिंग और न्यू-स्किलिंग प्रोग्राम्स पर जोर दे रही है ताकि वर्तमान और भविष्य के वर्कफोर्स को तैयार किया जा सके।
क्रिएटिव सेक्टर के लिए नई पहल
वैष्णव ने भारतीय क्रिएटिव टेक्नोलॉजी संस्थान (IICT) की स्थापना का उल्लेख किया। यह लैब क्रिएटिव इकोनॉमी को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इसके अलावा, बजट में 15 हजार स्कूल और कॉलेज में कंटेंट क्रिएटर लैब खोलने की योजना है, जहां छात्रों को आधुनिक डिजिटल प्रोडक्शन टूल मिलेंगे।
क्रिएट इन इंडिया मिशन
मंत्री ने बताया कि सरकार जल्द ही ‘क्रिएट इन इंडिया’ मिशन लॉन्च करेगी। इसका उद्देश्य उद्योग, रोजगार और भविष्य पर ध्यान देना है। यह मिशन भारत को वैश्विक क्रिएशन प्लेटफॉर्म बनाने और 25 साल की आवश्यकता के अनुसार टैलेंट तैयार करने पर केंद्रित होगा।
गलत सूचना और डीपफेक पर सख्ती
अश्विनी वैष्णव ने चेताया कि डीपफेक, भ्रामक और गलत कंटेंट समाज में भरोसे पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को नॉन-नेगोशिएबल बताया और वैश्विक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से कहा कि वे भारत के सांस्कृतिक और संवैधानिक मानकों का सम्मान करें।























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