अमरनाथ यात्रा में नया रिकॉर्ड, 12 दिन में 3 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

HIGHLIGHTS
- श्री अमरनाथ यात्रा ने नया रिकॉर्ड बनाया, महज 12 दिनों में बाबा बर्फानी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 3 लाख के पार पहुंची।
- उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रा व्यवस्था में जुटे अधिकारियों, सुरक्षाबलों, सेवा प्रदाताओं और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की।
- यात्रा मार्ग पर माउंटेन रेस्क्यू टीमें 24 घंटे तैनात हैं, जो श्रद्धालुओं को मेडिकल सहायता, ऑक्सीजन और आपातकालीन रेस्क्यू सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
जम्मू। श्री अमरनाथ यात्रा ने इस वर्ष एक नया रिकॉर्ड बना लिया है। यात्रा शुरू होने के महज 12 दिनों के भीतर ही बाबा बर्फानी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 3 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। तीन जुलाई से शुरू हुई 57 दिवसीय यात्रा 28 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन संपन्न होगी। इस बार यात्रा को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस उपलब्धि पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रा से जुड़े अधिकारियों, सुरक्षाबलों, सेवा प्रदाताओं और स्वयंसेवकों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश जारी कर कहा कि सभी के बेहतर तालमेल और मेहनत के कारण यात्रा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम बन पाई है।
उपराज्यपाल ने कहा कि यात्रा व्यवस्था में लगे सभी लोगों की जिम्मेदारी और समर्पण से लाखों श्रद्धालु बिना परेशानी के बाबा अमरनाथ के दर्शन कर पा रहे हैं। उन्होंने सभी संबंधित कर्मचारियों और स्वयंसेवकों को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।
सुरक्षा में जुटी माउंटेन रेस्क्यू टीमें
अमरनाथ यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस की माउंटेन रेस्क्यू टीमें पूरे मार्ग पर 24 घंटे तैनात हैं। ये टीमें श्रद्धालुओं को आपात स्थिति में मदद, चिकित्सा सहायता, ऑक्सीजन सुविधा और रेस्क्यू सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, सामान्य मौसम के बीच यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रही है। दुर्गम इलाकों में तैनात रेस्क्यू टीमों द्वारा लगातार मार्ग की निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता दी जा रही है।
सांस संबंधी परेशानी वाले श्रद्धालुओं को मिली मदद
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कई श्रद्धालुओं को सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। ऐसे मामलों में रेस्क्यू टीमों ने तुरंत ऑक्सीजन उपलब्ध कराई और जरूरतमंद यात्रियों को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रेस्क्यू टीमों की सक्रियता से यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी हुई है और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
5335 श्रद्धालुओं का 13वां जत्था रवाना
इधर, मंगलवार सुबह जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास आधार शिविर से 5335 श्रद्धालुओं का 13वां जत्था पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हुआ। शाम तक यह जत्था अपने निर्धारित गंतव्य तक पहुंच गया। प्रशासन का कहना है कि यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम लगातार जारी हैं।
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