फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच ट्रंप का तंज, बोले- क्रांति करना यहां आम बात

HIGHLIGHTS
- फ्रांस में महंगाई के खिलाफ कई शहरों में प्रदर्शन
- शनिवार के विरोध में 5.5 लाख लोगों के शामिल होने का दावा
- प्रदर्शनों के दौरान 1,200 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी
फ्रांस में महंगाई के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शनों के बीच लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पेरिस सहित कई शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं। इस दौरान कहीं प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हो रहा है, तो कहीं आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में जारी विरोध प्रदर्शनों पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की है। फ्रांस को क्रांति के लिए प्रसिद्ध बताते हुए उनके बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है।
'फ्रांस में क्रांति करना आम बात है!'
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने खास अंदाज में फ्रांस के मौजूदा हालात पर कटाक्ष किया। उन्होंने एक काल्पनिक बातचीत का उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्रपति से 5,000 डॉलर मिलने के बाद चीन घूमने जा सकते हैं और फिर जापान जाने की योजना बना सकते हैं। इसके बाद फ्रांस का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे भी घूमने के लिए एक खूबसूरत जगह बताया, जहां न दंगे होते हैं और न क्रांतियां।
हालांकि, इसके तुरंत बाद ट्रंप ने व्यंग्य करते हुए कहा कि फ्रांस में लोगों को क्रांति करने का कुछ ज्यादा ही शौक है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में सरकार और मौजूदा परिस्थितियों के खिलाफ लोगों की नाराजगी सड़कों पर नजर आ रही है।
सड़कों पर उतरे लाखों लोग, हजारों गिरफ्तार
फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को हुए प्रदर्शनों में लगभग 5.5 लाख लोगों ने भाग लिया। वहीं, सीजीटी ट्रेड यूनियन ने प्रदर्शनकारियों की संख्या 8 लाख बताई। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 1,200 लोगों को गिरफ्तार किया गया। विरोध प्रदर्शन में येलो वेस्ट आंदोलन से जुड़े लोग भी शामिल हुए।
महंगाई से क्यों नाराज हैं लोग?
फ्रांस में येलो वेस्ट आंदोलन की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। उस समय ईंधन पर कर बढ़ाने की योजना के विरोध में लोगों ने आंदोलन शुरू किया था। ग्रामीण क्षेत्रों और कामकाजी वर्ग के लोगों का तर्क था कि कारों पर निर्भर होने के कारण बढ़ती कीमतों का सबसे अधिक असर उन पर पड़ रहा है।
समय के साथ यह आंदोलन भले ही कमजोर हो गया, लेकिन महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाले खर्च को लेकर लोगों की नाराजगी बनी रही।
जेडी वेंस ने भी फ्रांस के हालात पर उठाए सवाल
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फ्रांस में जारी अशांति के लिए पश्चिमी उदारवादी नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विविधता और सहानुभूति के नाम पर दूसरे देशों की आबादी को पश्चिमी समाजों में बसाया गया, लेकिन सामाजिक एकीकरण और लोगों के बीच आपसी तालमेल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया।
वेंस ने फ्रांस की ऐतिहासिक इमारतों में आग लगाए जाने की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की और उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द सामान्य होगी। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी नागरिकों को आगाह करते हुए फ्रांस के हालात को डेमोक्रेटिक पार्टी की नीतियों से जोड़ने का प्रयास किया।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.