करनाल में दिल्ली-श्रीनगर यात्री बस पर हमला, बुजुर्ग कश्मीरी यात्री घायल; उमर अब्दुल्ला ने मांगी सख्त कार्रवाई

HIGHLIGHTS
- पथराव से बस की खिड़कियों के शीशे टूट गए और पीछे की लाइटें भी क्षतिग्रस्त हुईं।
- मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा हरियाणा सरकार के समक्ष उठाया गया है।
- विभिन्न राजनीतिक दलों, धार्मिक हस्तियों और परिवहन संगठनों ने घटना पर चिंता जताई।
जम्मू। हरियाणा में दिल्ली से श्रीनगर जा रही एक यात्री बस पर कथित पथराव की घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। इस घटना में एक बुजुर्ग कश्मीरी यात्री के घायल होने की सूचना है।
बस में करीब 40 यात्री सवार थे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, धार्मिक हस्तियों और परिवहन संगठनों ने घटना पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोपितों की पहचान कर निष्पक्ष जांच कराने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, कश्मीर की कंपनी स्टार वर्ल्ड वेंचर्स की ओर से संचालित बस दिल्ली से श्रीनगर जा रही थी। शनिवार रात करीब 10:45 बजे हरियाणा के करनाल क्षेत्र में डिवाइन स्टार ढाबा के नजदीक कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर बस पर हमला किया।
आरोप है कि पहले बस चालक के साथ गाली-गलौज की गई और इसके बाद पत्थर व ईंटें फेंकी गईं। इस दौरान बस की खिड़कियों के शीशे टूट गए और एक बुजुर्ग कश्मीरी यात्री घायल हो गया।
उमर अब्दुल्ला ने हरियाणा सरकार के सामने उठाया मामला
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पुलिस से आरोपितों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की अपील की।
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा का विषय हरियाणा सरकार के समक्ष उठाया गया है। हरियाणा प्रशासन ने कानून के अनुसार जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। जम्मू-कश्मीर सरकार प्रभावित यात्रियों के संपर्क में है और मामले की निगरानी कर रही है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने इस घटना को कथित तौर पर नफरत से प्रेरित हमला करार देते हुए हरियाणा पुलिस से तत्काल संज्ञान लेने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
वहीद परा और सज्जाद लोन ने कार्रवाई पर दिया जोर
पीडीपी नेता वहीद परा ने कहा कि दिल्ली-श्रीनगर स्लीपर बस पर उस समय ईंटों से हमला किया गया, जब यात्री सो रहे थे। उन्होंने बुजुर्ग यात्री के घायल होने पर चिंता जताई। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ रिपोर्टों में हमलावरों के बजाय यात्रियों को पुलिस द्वारा निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। परा ने आरोपितों की गिरफ्तारी और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को ले जा रहे वाहन को निशाना बनाना और एक बुजुर्ग यात्री को घायल करना गंभीर मामला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाएगा।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के राज्यसभा सदस्य चौधरी रमजान ने भी पथराव की घटना को अस्वीकार्य बताया और हरियाणा पुलिस से तत्काल कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को उसके मूल स्थान या पहचान के आधार पर निशाना बनाना या डराना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मीरवाइज और ग्रैंड मुफ्ती ने जताई चिंता
मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि घटना में एक बुजुर्ग यात्री घायल हुआ, जबकि अन्य यात्रियों को भी मानसिक आघात पहुंचा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पंजीकरण नंबर वाले वाहनों को धमकियां मिलने की खबरों पर चिंता जताई और कश्मीरी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
जम्मू-कश्मीर के ग्रैंड मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम फारूकी ने हरियाणा सरकार से मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की।
भाजपा ने भी दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
जम्मू-कश्मीर में भाजपा प्रवक्ता जोरावर सिंह जम्वाल ने घटना को कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से जम्मू-कश्मीर में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की।
नासिर खुहेहामी ने कश्मीरियों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहेहामी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर घटना की निंदा की। उन्होंने दावा किया कि बस पर कथित तौर पर कुछ कट्टरपंथी और दक्षिणपंथी तत्वों ने हमला किया था। उनके अनुसार, हमले में बस की खिड़कियां और पीछे की लाइटें क्षतिग्रस्त हो गईं तथा स्लीपर डिब्बों में टूटे शीशे बिखर गए।
खुहेहामी ने बताया कि घटना के बाद एक कश्मीरी यात्री को पुलिस ने करीब दो घंटे तक हिरासत में रखा और फिर छोड़ दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि हमले का शिकार हुए यात्री को हिरासत में रखने की वजह क्या थी और आरोपितों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई।
उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से आरोपितों की पहचान करने, उचित धाराओं में मामला दर्ज करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
खुहेहामी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पंजीकरण नंबर होने के कारण किसी यात्री को अपनी सुरक्षा को लेकर डर महसूस नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, देश के हर नागरिक को बिना भय के यात्रा करने, रोजगार हासिल करने और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि कश्मीरियों के प्रति नफरत को सामान्य घटना के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। देश की एकता केवल नारों से नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के साथ समानता और सम्मानपूर्ण व्यवहार से मजबूत होती है। कश्मीरियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
परिवहन संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
कश्मीर ट्रांसपोर्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष मीर मोहम्मद शफी ने भी घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस घटना से परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों में चिंता है।
शफी ने हरियाणा और दिल्ली सरकारों से कश्मीरी परिवहन संचालकों और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का समाधान करने की अपील की।
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