ईडी की गिरफ्तारी को आजम खां ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, जल्द हो सकती है सुनवाई

HIGHLIGHTS
- गाजियाबाद की विशेष अदालत ने आजम खां को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
- ईडी ने 31 अक्टूबर को उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।
- जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतें कुर्क की गई हैं, जिनकी कीमत 1,170 करोड़ रुपये बताई गई है।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां की उस याचिका पर इसी सप्ताह सुनवाई हो सकती है, जिसमें उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के नए मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया।
पीठ ने क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा वी. मोहना की पीठ ने आजम खां के वकील निजाम पाशा की दलीलों पर गौर किया। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि याचिका पर इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए आजम खां
रविवार को गाजियाबाद की एक विशेष अदालत ने आजम खां को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। उनके वकील के मुताबिक, 78 वर्षीय सपा नेता को जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया था।
इससे पहले आजम खां को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया। अदालत परिसर के बाहर उनके कई समर्थक अपने नेता की एक झलक पाने के लिए मौजूद थे। आजम खां पिछले कुछ वर्षों से अपने खिलाफ दर्ज कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं।
31 अक्टूबर को ईडी ने किया था गिरफ्तार
ईडी ने 31 अक्टूबर को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आजम खां को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब वह और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम कथित तौर पर दो पैन कार्ड रखने के मामले में रामपुर जेल से जमानत पर रिहा हुए थे।
ईडी ने आजम खां और अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से आजम खां और उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ दर्ज 58 एफआईआर के आधार पर की गई है।
जौहर यूनिवर्सिटी की 1,170 करोड़ की संपत्ति कुर्क
ईडी ने 28 अक्टूबर को बताया था कि उसने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत रामपुर स्थित आजम खां की 'मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी' की जमीन और इमारतों को कुर्क किया है। इन संपत्तियों की मौजूदा बाजार कीमत 1,170 करोड़ रुपये बताई गई है।
आजम खां पर क्या हैं आरोप?
ईडी का आरोप है कि सार्वजनिक कार्यों के लिए आवंटित सरकारी फंड का इस्तेमाल निजी विश्वविद्यालय के निर्माण में किया गया। एजेंसी के मुताबिक, आजम खां ने राज्य के शहरी विकास मंत्री और उत्तर प्रदेश जल निगम में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कथित अनियमितताओं को अंजाम दिया।
इससे पहले जुलाई में रामपुर विकास प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय परिसर की 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ विश्वविद्यालय ने अपील दायर की थी। मामले के सिलसिले में ईडी ने अगस्त में छापेमारी की थी और आजम खां से पूछताछ भी की थी। आजम खां के खिलाफ कई अन्य आपराधिक मामले भी चल रहे हैं।
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