रामलीला मैदान की रैली पर संबित पात्रा का तंज, बोले- 40 फीसदी हिस्सा खाली था

HIGHLIGHTS
- संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा सुबह से रैली पर नजर रख रही थी।
- उन्होंने राहुल गांधी का भाषण भी ध्यान से सुनने की बात कही।
- दोपहर 3:30 से 4 बजे के बीच कुर्सियां खाली होने का दावा किया।
नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने रैली में भीड़ जुटने के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैदान का करीब 40 फीसदी हिस्सा खाली नजर आ रहा था। पात्रा के मुताबिक, कांग्रेस और राहुल गांधी की टीम ने रैली में 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया था, लेकिन मौके पर ऐसा दिखाई नहीं दिया।
संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा सुबह से ही इंडिया गठबंधन की रैली पर नजर बनाए हुए थी। उन्होंने राहुल गांधी का भाषण भी ध्यान से सुना। हालांकि, उनके अनुसार, अंत में यह पूरा आयोजन समय की बर्बादी साबित हुआ। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनकी टीम की ओर से 10 लाख लोगों के जुटने की बात कही गई थी, लेकिन मैदान की स्थिति कुछ और ही तस्वीर दिखा रही थी।
28 हजार कुर्सियों में 5 से 7 हजार खाली होने का दावा
भाजपा सांसद ने रैली में खाली जगह और कुर्सियों का जिक्र करते हुए दावा किया कि रामलीला मैदान का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था। उन्होंने कहा कि आयोजन के लिए करीब 28 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं। दोपहर 3:30 से 4 बजे के बीच इनमें से लगभग 5 हजार से 7 हजार कुर्सियां खाली थीं।
पात्रा ने सवाल किया कि जब रैली में 10 लाख लोगों के पहुंचने की बात कही गई थी, तो वे लोग कहां रह गए? उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से किए गए दावों और मैदान में दिखाई दे रही स्थिति के बीच अंतर साफ था।
'ऐसे हथकंडों से कोई नेता या प्रधानमंत्री नहीं बनता'
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि इस तरह के हथकंडे अपनाकर कोई नेता या प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री शब्द की अपने अंदाज में व्याख्या करते हुए कहा कि 'पी' का अर्थ पसीना और 'एम' का मतलब मेहनत है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए पसीना बहाने के साथ मेहनत करना भी जरूरी है। पात्रा ने इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि कई पार्टियों और उनके झंडों के एक साथ आने के बावजूद रैली में 10 लाख लोगों की भीड़ नहीं जुट सकी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.