शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 906 अंक उछला, निफ्टी 23,300 के पार

HIGHLIGHTS
- ब्रेंट क्रूड और WTI की कीमतों में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई।
- रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 4.42 प्रतिशत मजबूत हुए।
- टाटा स्टील और एनटीपीसी में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
नवंबर के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली। सोमवार, 1 नवंबर 2026 को कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। अमेरिकी-ईरान वार्ता में सकारात्मक नतीजे आने की उम्मीद के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट ने बाजार को मजबूती दी। इसके चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में एक प्रतिशत से अधिक तक की बढ़त दर्ज की गई।
बीएसई का सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के 74,459.53 के स्तर के मुकाबले 75,178.24 पर खुला। इस तरह इसमें 718.71 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की तेजी रही। दूसरी ओर, एनएसई का निफ्टी 50 पिछले बंद स्तर 23,053.10 से 169.2 अंक या 0.73 प्रतिशत ऊपर 23,222.30 पर खुला।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 906.53 अंक यानी 1.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,366.06 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी ने 248.15 अंक या 1.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,301.25 का स्तर छुआ। व्यापक बाजार में भी खरीदारी का रुख रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.83 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.63 प्रतिशत चढ़ा।
कच्चे तेल के दाम घटने से बाजार को मजबूती
शेयर बाजार में तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को अहम वजह माना जा रहा है। ईरान युद्ध समाप्त करने को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद से पिछले सप्ताह छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा कच्चा तेल नीचे आया।
ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.02 प्रतिशत गिरकर 110.01 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। वहीं, अमेरिकी कच्चे तेल WTI में 3.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 100.94 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
रिलायंस, मेटल और सरकारी बैंकिंग शेयरों में खरीदारी
बाजार की तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की अहम भूमिका रही। सितंबर तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में 4.42 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
इसके अलावा टाटा स्टील 3.52 प्रतिशत और एनटीपीसी 3.16 प्रतिशत चढ़े। मारुति के शेयर में 2.46 प्रतिशत की तेजी आई। पावर ग्रिड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर भी क्रमशः 1.80 प्रतिशत और 1.79 प्रतिशत मजबूत हुए।
सेक्टर के आधार पर देखें तो निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 2.39 प्रतिशत की बढ़त रही। मेटल इंडेक्स 1.47 प्रतिशत चढ़ा, जबकि पीएसयू बैंक इंडेक्स में 1.63 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स में 1.20 प्रतिशत की तेजी आई। निफ्टी आईटी इंडेक्स भी 0.46 प्रतिशत ऊपर रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़त
बाजार में सकारात्मक रुख का असर केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
निफ्टी 100 में 0.95 प्रतिशत, निफ्टी 200 में 0.92 प्रतिशत और निफ्टी 500 में 0.89 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.78 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.27 प्रतिशत की तेजी रही।
हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला इंडिया VIX 1.71 प्रतिशत बढ़कर 15.57 पर पहुंच गया।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से भी मिला सहारा
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत के आयात बिल और महंगाई को लेकर बनी कुछ चिंताएं कम हुई हैं। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार को समर्थन दिया। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में करीब 3,600 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के बेहतर तिमाही नतीजों से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसके अलावा, वैश्विक बाजारों में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के कारण भारत जैसे बाजारों की ओर निवेशकों का रुझान बढ़ा है। माना जा रहा है कि भारत का बाजार एआई निवेश से जुड़े कारोबार पर अपेक्षाकृत कम निर्भर है।
आने वाले दिनों में इन कारकों पर रहेगी नजर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आगे निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और बिकवाली, कंपनियों के तिमाही नतीजों और ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों पर रहेगी। इन सभी कारकों का असर आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।
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