89 करोड़ के घोटाले के आरोपों के बीच बी. नागेंद्र ने शिवकुमार कैबिनेट से दिया इस्तीफा

HIGHLIGHTS
- नागेंद्र ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफे की घोषणा की
- इस्तीफे के दौरान कांग्रेस नेता भावुक होकर रोने लगे
- उन्होंने BJP से विधानसभा में आरोपों पर चर्चा करने की मांग की
बेंगलुरु। कर्नाटक में कांग्रेस नेता बी. नागेंद्र ने शुक्रवार को डीके शिवकुमार कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। दो साल के भीतर दूसरी बार मंत्री पद छोड़ने वाले नागेंद्र पर 89 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। इसी महीने की शुरुआत में हुए कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। इससे पहले वह 2024 में सिद्धरमैया सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
शुक्रवार शाम इस्तीफे की घोषणा करते समय नागेंद्र भावुक हो गए और रोने लगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, 'मैं संविधान में विश्वास करता हूं। हमने कई बार BJP से कहा कि वे विधानसभा में आकर मुझ पर लगे आरोपों पर चर्चा करें, लेकिन वे नहीं आए। सबूत कहां है?' उन्होंने BJP पर मनुस्मृति लागू करने की कोशिश और आदिवासी विरोधी सोच रखने का आरोप लगाया। नागेंद्र ने यह भी कहा कि उन पर इसलिए निशाना साधा जा रहा है क्योंकि वह दलित हैं। इसके बाद उन्होंने कहा, 'मैं अपनी मर्जी से इस्तीफा दे रहा हूं।'
नागेंद्र पर क्या आरोप हैं?
मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में 89 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था।
यह मामला मई 2024 में निगम के अकाउंट्स ऑफिसर चंद्रशेखरन पी. की आत्महत्या के बाद सामने आया। उन्होंने एक नोट छोड़ा था, जिसमें बिना मंजूरी के फंड ट्रांसफर किए जाने का आरोप लगाया गया था। जांच के दौरान पता चला कि निगम के बैंक खातों से बड़ी रकम कई अन्य खातों में ट्रांसफर की गई थी।
जब एक समाचार चैनल ने नागेंद्र से पूछा कि क्या पार्टी आलाकमान ने उन्हें पद छोड़ने के लिए कहा था, तो उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं, मैं अपने फैसले खुद लेता हूं।'
कर्नाटक में नागेंद्र प्रमुख ST नेताओं में शामिल हैं। शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने के पार्टी के फैसले से पहले वह सिद्धरमैया कैबिनेट में आदिवासी कल्याण मंत्री थे।
विवाद के बीच जून 2024 में उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद शिवकुमार के पद संभालने के बाद 3 अगस्त को उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किया गया और योजना एवं सांख्यिकी विभाग की जिम्मेदारी दी गई।
कैसा रहा नागेंद्र का राजनीतिक सफर?
नागेंद्र ने 2008 में BJP के टिकट पर चुनाव जीता था। इसके बाद 2013 में कुदलिगी से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की। वर्ष 2018 में वह कांग्रेस में शामिल हो गए और बेल्लारी की ST-आरक्षित सीट से लगातार दो बार चुनाव जीते।
नागेंद्र ने कहा कि वह BJP को उसके प्रस्तावित विरोध मार्च के लिए कोई मुद्दा नहीं देना चाहते थे। कर्नाटक BJP ने राज्य में कांग्रेस सरकार की कथित विफलताओं को सामने रखने के लिए 1 से 10 सितंबर तक रायचूर से बल्लारी तक 10 दिन की पदयात्रा की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और भर्ती में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ नागेंद्र की पार्टी में वापसी भी इस 200 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का प्रमुख मुद्दा बनने की उम्मीद थी। राज्य BJP प्रमुख बी.वाई. विजयेंद्र ने बताया था कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी इस पदयात्रा का उद्घाटन करेंगे।
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