जब तक सामाजिक भेदभाव रहेगा, तब तक जरूरी है आरक्षण: चिराग पासवान

HIGHLIGHTS
- चिराग पासवान ने आरक्षण को सामाजिक न्याय से जुड़ा विषय बताया
- आरक्षण में किसी भी तरह की छेड़छाड़ का किया विरोध
- देश में सामाजिक भेदभाव की घटनाओं का दिया हवाला
पटना। लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरक्षण की समीक्षा या उसमें बदलाव की बात करने वालों को देश की मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों को समझने की सलाह दी।
चिराग पासवान ने कहा कि आज भी देश में सामाजिक भेदभाव से जुड़ी घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे हालात में आरक्षण की जरूरत और उसके महत्व पर सवाल उठाना उचित नहीं है। रक्षाबंधन के अवसर पर चिराग पासवान की बहनों ने उन्हें राखी बांधी। इस दौरान उन्होंने बहनों को सशक्त और समृद्ध बनाने की बात कही।
इसी दौरान स्थानीय मीडिया से बातचीत में चिराग ने आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि आरक्षण में किसी भी तरह का बदलाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि देश में अभी भी सामाजिक भेदभाव की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में आरक्षण की आवश्यकता और उसकी अहमियत पर सवाल उठाना सही नहीं है।
चिराग ने खरगे का किया जिक्र
चिराग पासवान ने कहा कि पिछड़े और वंचित वर्गों के लोगों के साथ भेदभाव की घटनाएं आज भी होती हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का जिक्र करते हुए कहा कि यदि खरगे किसी मंदिर जाते हैं तो उस स्थान को गंगाजल से धोया जाता है।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज में इस तरह की परिस्थितियां मौजूद रहेंगी, तब तक आरक्षण सामाजिक न्याय का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना रहेगा।
चिराग ने आरक्षण को सिर्फ राजनीतिक मुद्दा मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह सामाजिक न्याय और समानता के अधिकार से जुड़ा हुआ विषय है।
उन्होंने सवाल किया कि जो लोग पहले आरक्षण के समर्थन में आवाज उठाते थे, वही अब इसे खत्म करने या इसमें बदलाव की बात क्यों कर रहे हैं। चिराग पासवान ने साफ कहा कि आरक्षण के अधिकार को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
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