दिल्ली में बेड एंड ब्रेकफास्ट कानून होगा निरस्त, मानसून सत्र में सरकार लाएगी विधेयक

HIGHLIGHTS
- दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र 7 से 11 अगस्त तक आयोजित होगा।
- सरकार सत्र में तीन अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है।
- बीएंडबी योजना के तहत वर्ष 2023 तक 432 संपत्तियां पंजीकृत थीं।
नई दिल्ली। मालवीय नगर स्थित एक बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) प्रतिष्ठान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार आगामी मानसून सत्र में ‘द नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली (इनक्रेडिबल इंडिया) बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टैब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2007’ को निरस्त करने से जुड़ा विधेयक पेश करेगी।
दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र 7 से 11 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सरकार तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी और कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
मानसून सत्र की तैयारियां पूरी
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि सत्र के सुचारु और शांतिपूर्ण संचालन के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा परिसर में सुरक्षित, अनुशासित और प्रभावी माहौल बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
अग्निकांड के बाद बीएंडबी कानून वापस लेने का फैसला
गौरतलब है कि हाल ही में मालवीय नगर के एक बीएंडबी प्रतिष्ठान में लगी आग में 21 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में 11 विदेशी नागरिक भी शामिल थे।
इस घटना के बाद दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बीएंडबी कानून को वापस लेने की घोषणा की थी। वर्ष 2023 तक दिल्ली सरकार की बीएंडबी योजना के तहत राजधानी में 432 संपत्तियों के 2,200 से अधिक कमरे पंजीकृत थे।
विपक्ष उठा सकता है कई मुद्दे
मानसून सत्र में विपक्ष आम आदमी पार्टी सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार, आप चिकित्सा उपकरण घोटाला, हाल की अग्निकांड घटनाओं में प्रशासनिक लापरवाही, साइकिल वितरण घोटाले सहित राजधानी से जुड़े अन्य मामलों को सदन में उठाएगी।
समयबद्ध सेवाओं से जुड़ा विधेयक भी होगा पेश
सरकार सत्र के दौरान दिल्ली (नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने का अधिकार) विधेयक, 2026 भी पेश करेगी। इस विधेयक को पिछले महीने दिल्ली मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को तय समय सीमा में उपलब्ध कराना और इसे नागरिकों का कानूनी अधिकार बनाना है।
प्रस्तावित कानून में जवाबदेही तय करने के लिए दंड के प्रावधान भी रखे गए हैं। यदि कोई सरकारी अधिकारी बिना उचित कारण किसी सेवा में देरी करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकेगा।
नए विधेयक के लागू होने के बाद दिल्ली (नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने का अधिकार) कानून, 2011 को निरस्त कर दिया जाएगा।
मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले तीन विधेयक
- दिल्ली (नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने का अधिकार) विधेयक, 2026 और दिल्ली (नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने का अधिकार) अधिनियम, 2011 को निरस्त करने से संबंधित विधेयक।
- दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड अधिनियम, 2010 और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (संशोधन) अधिनियम, 2015 में संशोधन से जुड़ा विधेयक।
- दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (अतुल्य भारत) बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2007 और इसके संशोधन अधिनियमों, 2010 और 2021 को निरस्त करने से संबंधित विधेयक।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.