बिंदियारानी देवी ने जीता कांस्य पदक, ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का छठा मेडल

HIGHLIGHTS
- भारतीय भारोत्तोलक बिंदियारानी देवी ने 58 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता।
- बिंदियारानी ने कुल 199 किलो वजन उठाकर ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को छठा पदक दिलाया।
- भारत ने अब तक एक स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम किए हैं।
भारत की महिला भारोत्तोलक बिंदियारानी देवी ने 58 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। बिंदियारानी ने स्नैच में 87 किलो और क्लीन एंड जर्क में 112 किलो वजन उठाकर कुल 199 किलो का भार उठाया।
इस स्पर्धा में नाइजीरिया की रफियातु फोलाशेड लवाल ने कुल 229 किलो (103+126) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं, कनाडा की आन सोफी तासचेरयू ने 215 किलो (94+121) के साथ रजत पदक हासिल किया।
बिंदियारानी इससे पहले 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा वह पिछले साल अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में भी दूसरे स्थान पर रही थीं।
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय भारोत्तोलकों का प्रदर्शन
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने अब तक छह पदक जीत लिए हैं, जिनमें पांच पदक भारोत्तोलन में आए हैं। भारत के खाते में अब तक एक स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक हैं।
भारतीय भारोत्तोलकों के पदक विजेताओं की सूची:
- मीराबाई चानू - स्वर्ण (महिला 48 किग्रा)
- ऋषिकांता सिंह - रजत (पुरुष 60 किग्रा)
- मुथुपंडी राजा - रजत (पुरुष 65 किग्रा)
- ज्ञानेश्वरी यादव - रजत (महिला 53 किग्रा)
- बिंदियारानी देवी - कांस्य (महिला 58 किग्रा)
इसके अलावा पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने भी कांस्य पदक जीता है।
स्नैच में बिंदियारानी ने किया शानदार प्रदर्शन
58 किलो भारवर्ग में उतरीं बिंदियारानी देवी ने स्नैच में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 87 किलो वजन उठाया और उनके तीनों प्रयास सफल रहे।
उन्होंने स्नैच के पहले प्रयास में 83 किलो वजन उठाने का फैसला किया और सफल रहीं। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने वजन बढ़ाकर 85 किलो उठाया। तीसरे प्रयास में बिंदियारानी ने 87 किलो वजन उठाकर अपना प्रदर्शन पूरा किया।
क्लीन एंड जर्क में चुनौती के बाद जीता पदक
क्लीन एंड जर्क में बिंदियारानी देवी का पहला प्रयास 110 किलो वजन के साथ हुआ था। उन्होंने वजन उठाया, लेकिन बाद में ज्यूरी के रिव्यू के बाद इसे नो लिफ्ट घोषित कर दिया गया।
पहले प्रयास में झटका लगने के बाद बिंदियारानी ने दूसरे प्रयास में वापसी की और 112 किलो वजन सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद वह पदक की दौड़ में बनी रहीं।
कांस्य पदक की दौड़ में उनके सामने इंग्लैंड की एलिजा प्राट थीं, लेकिन प्राट अपने अंतिम प्रयास में 113 किलो वजन उठाने में सफल नहीं हो सकीं। इसके बाद बिंदियारानी देवी का कांस्य पदक पक्का हो गया।
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