बुलेट ट्रेन पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा अपडेट, 2027 में शुरू होगा ट्रायल; डेढ़ घंटे में तय होगा वडोदरा-मुंबई का सफर

HIGHLIGHTS
- रेल मंत्री ने वडोदरा में बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर दी जानकारी
- सूरत-वापी सेक्शन का काम दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद
- रेलवे में माल ढुलाई और आरक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में तैयार की जा रही अपनी बुलेट ट्रेन का परीक्षण अगले साल मई या जून 2027 से शुरू किया जाएगा। परीक्षण के बाद दो से चार महीने के भीतर ट्रेन का उद्घाटन किए जाने की उम्मीद है। वहीं, इसका वाणिज्यिक संचालन 2027 के अंत तक शुरू होने की संभावना है।
वैष्णव वडोदरा में आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि बुलेट ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम हाल ही में तैयार हुआ है और अब इसे निचोड़ परीक्षण के लिए भेजा गया है। रेल मंत्री के मुताबिक, बुलेट ट्रेन के जरिए वडोदरा से मुंबई की दूरी करीब डेढ़ घंटे में तय की जा सकेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि सूरत-वापी खंड पर निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। पूरी परियोजना को आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
भारतीय रेलवे में हो रहे बड़े बदलाव
रेल मंत्री ने भारतीय रेलवे में किए जा रहे व्यापक बदलावों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार रेलवे की परिचालन और आरक्षण प्रणालियों को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। इसके साथ ही निर्माण की पुरानी प्रक्रियाओं में भी सुधार किया जा रहा है।
वैष्णव ने बताया कि रेलवे की हर प्रक्रिया को बेहतर और आधुनिक बनाया जा रहा है। माल ढुलाई व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए नए वैगन डिजाइन विकसित किए गए हैं, जिनमें नमक परिवहन के लिए तैयार किया गया विशेष डिजाइन भी शामिल है।
लंबे समय से लंबित परियोजनाएं हुईं पूरी
मंत्री ने कहा कि रेलवे की कई ऐसी परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जो लंबे समय से लंबित थीं। इनमें चेनाब ब्रिज और मिजोरम को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने वाली परियोजना प्रमुख हैं।
उन्होंने बताया कि देशभर में 280 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा चुका है। इसके अलावा 36,000 किलोमीटर नई रेलवे पटरियां बिछाई गई हैं। वैष्णव ने यह भी कहा कि वंदे भारत तकनीक वाली मालगाड़ियों को भी तेजी से तैयार किया जा रहा है।
कोविड के बावजूद बुलेट ट्रेन परियोजना ने पकड़ी रफ्तार
वैष्णव ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान आई चुनौतियों के बावजूद रेलवे के विकास की गति को बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि परियोजना का पहला खंड 2020 में पूरा हुआ था। इसके बाद अन्य खंडों पर काम में काफी तेजी आई।
रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे का बदलता और आधुनिक स्वरूप आने वाली कई पीढ़ियों के लिए फायदेमंद होगा। उन्होंने इसे देश के परिवहन ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति बताया।
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