तेलंगाना विधानसभा में बवाल के बाद BRS पर एक्शन, दो MLC गिरफ्तार; KTR-हरीश राव पर भी केस

HIGHLIGHTS
- काली टी-शर्ट पहनकर विधानसभा पहुंचे थे बीआरएस नेता
- पुलिस ने परिसर में प्रवेश से रोका तो हुआ विवाद
- महिला विधायकों ने पुलिस पर बदसलूकी के आरोप लगाए
तेलंगाना। तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे टकराव के साथ हुई। बीआरएस के विधायक और एमएलसी काले रंग की टी-शर्ट पहनकर विधानसभा पहुंचे। पार्टी के मुताबिक, इन टी-शर्ट पर सरकार के 1,000 दिनों के कामकाज और चुनावी वादों को लेकर सवाल लिखे गए थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें विधानसभा परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया। पुलिस का कहना था कि टी-शर्ट पर लिखे कुछ नारे आपत्तिजनक थे।
इसके बाद बीआरएस नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान केटी रामाराव (केटीआर), टी. हरीश राव समेत कई बीआरएस नेताओं को हिरासत में लिया गया।
महिला विधायकों ने पुलिस पर लगाए बदसलूकी के आरोप
हंगामे के दौरान बीआरएस की महिला विधायकों ने पुलिस पर बदसलूकी करने के आरोप लगाए। पूर्व मंत्री और बीआरएस विधायक पी. सबिता इंद्रा रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें बालों और गले से पकड़कर खींचा। वहीं विधायक वी. सुनीता लक्ष्मा रेड्डी ने दावा किया कि पुलिस ने उनकी साड़ी खींची और उन्हें धक्का दिया।
बीआरएस ने महिला विधायकों के साथ कथित व्यवहार को गंभीर मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की। पार्टी की ओर से पुलिस के खिलाफ शिकायत करने की बात भी कही गई।
सदन में भावुक हुए विधानसभा अध्यक्ष
विधानसभा परिसर के बाहर हुआ विवाद सदन के भीतर पहुंचने के बाद मामला और गरमा गया। बीआरएस एमएलसी टाटा मधुसूदन पर विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा। कांग्रेस नेताओं ने इसे विधानसभा अध्यक्ष और दलित नेता का अपमान बताया।
मामले पर चर्चा के दौरान स्पीकर भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू दिखाई दिए। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घटना को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया और टाटा मधु के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
दूसरी ओर, टाटा मधु ने कहा कि उनकी टिप्पणी स्पीकर के लिए नहीं बल्कि पुलिसकर्मियों के संदर्भ में थी। बाद में उन्होंने कहा कि यदि उनकी बात से स्पीकर को ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगने के लिए तैयार हैं।
टाटा मधु और नवीन कुमार रेड्डी गिरफ्तार
मंगलवार सुबह पुलिस ने बीआरएस के दो एमएलसी टाटा मधुसूदन उर्फ टाटा मधु और एन. नवीन कुमार रेड्डी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों के खिलाफ मामला विधानसभा अध्यक्ष के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है।
टाटा मधु पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 समेत अन्य धाराओं और एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे विधानसभा परिसर में सुरक्षा क्षेत्र के पास कथित टिप्पणियां की गई थीं। दोनों को हिरासत में लेने के बाद न्यायिक प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ाया गया।
टाटा मधु ने स्पीकर को अपमानित करने की बात से इनकार किया है। वहीं बीआरएस ने दोनों नेताओं की गिरफ्तारी को विपक्ष की आवाज दबाने की कार्रवाई बताया।
केटीआर ने सरकार को घेरने की बात कही
मंगलवार को विधानसभा पहुंचे बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने कहा कि पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोमवार को बीआरएस की महिला विधायकों के साथ पुलिस ने हमला और बदसलूकी की।
केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से पूरे मामले पर जवाब देने और बीआरएस नेतृत्व के कथित अपमान पर माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि बीआरएस मुख्य विपक्षी दल है और विधानसभा में सरकार के 420 दिन और 1,000 दिन के कामकाज से जुड़े सवाल उठाए जाएंगे।
केटीआर ने कहा कि पार्टी जनता से जुड़े सभी मुद्दों पर सरकार से जवाब लेने की कोशिश करेगी।
बीआरएस नेताओं पर भी दर्ज हुआ मामला
दूसरी ओर, सैफाबाद पुलिस ने केटीआर, टी. हरीश राव, गंगुला कमलाकर, डी. सुधीर रेड्डी, पाडी कौशिक रेड्डी और अन्य के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि सुरक्षा प्रतिबंधों के बावजूद बीआरएस नेताओं ने विधानसभा में प्रवेश करने की कोशिश की।
एफआईआर में महिला कांस्टेबलों के साथ अभद्रता, पुलिसकर्मियों का कॉलर पकड़ने और क्विक रिस्पॉन्स टीम के जवानों को धक्का देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। बीआरएस नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सरकार पर विपक्ष को दबाने का आरोप लगाया।
दो एमएलसी की गिरफ्तारी के बाद पार्टी नेताओं ने नारायणगुड़ा पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया।
'हम जनता के पक्ष में खड़े रहेंगे'
बीआरएस एमएलसी नवीन कुमार रेड्डी ने कहा कि चाहे कितनी भी अवैध गिरफ्तारियां की जाएं, पार्टी जनता के पक्ष में खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि बीआरएस विधानसभा और विधान परिषद दोनों जगह जनता की आवाज उठाने के लिए तैयार है।
नवीन कुमार रेड्डी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जनता के लिए लड़ने को कहा है और वे रेवंत रेड्डी सरकार को जवाबदेह ठहराएंगे।
अब दो मोर्चों पर जारी है विवाद
तेलंगाना विधानसभा का यह विवाद अब दो अलग-अलग मुद्दों में बंट गया है। एक ओर विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर टाटा मधु और नवीन कुमार रेड्डी की गिरफ्तारी है। दूसरी ओर विधानसभा के बाहर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर बीआरएस के आरोप हैं।
बीआरएस महिला विधायकों के साथ कथित बदसलूकी और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाने की तैयारी में है। वहीं सरकार और सत्तारूढ़ कांग्रेस विधानसभा की गरिमा और स्पीकर के सम्मान को लेकर कार्रवाई की मांग कर रही है। सोमवार को शुरू हुआ यह टकराव अब विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.