असम बाढ़ संकट पर केंद्र अलर्ट, PM मोदी ने सांसदों से की चर्चा, राहत अभियान तेज

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी ने असम में बाढ़ की स्थिति को लेकर राज्य के सांसदों के साथ बैठक की और प्रभावितों की मदद का भरोसा दिया।
- असम के विधायकों ने बाढ़ पीड़ितों के राहत और पुनर्वास के लिए एक महीने का वेतन दान करने की घोषणा की।
- वायुसेना ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत अभियान जारी रखते हुए 458 लोगों को सुरक्षित निकाला और राहत सामग्री पहुंचाई।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को असम में बाढ़ की स्थिति को लेकर राज्य के सांसदों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने असम के सांसदों से मुलाकात कर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने लोगों की सुरक्षा और कुशलक्षेम की कामना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की सहायता के लिए असम सरकार के साथ लगातार काम कर रही है।
असम में बाढ़ से हालात खराब
असम के शिवसागर जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। नौजान गांव में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। इसके कारण सैकड़ों परिवारों को आश्रय, भोजन और सुरक्षित पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं।
वहीं, असम के विधायकों ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए बड़ा फैसला लिया है। रायजोर दल को छोड़कर सभी विधायकों ने बाढ़ पीड़ितों के राहत और पुनर्वास कार्य के लिए अपना एक महीने का वेतन दान करने की घोषणा की है।
विधानसभा अध्यक्ष ने किया ऐलान
विधानसभा अध्यक्ष रणजीत कुमार दास ने कहा कि वह और उपाध्यक्ष हब्बे टेरोन भी बाढ़ राहत के लिए अपना एक महीने का वेतन दान करेंगे। उन्होंने बताया कि विधानसभा सचिवालय के सभी कर्मचारी भी पीड़ितों की सहायता के लिए एक दिन का वेतन दान करेंगे।
विधायकों ने बढ़ाया मदद का हाथ
संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा के सभी विधायक भी अपना एक महीने का वेतन दान करेंगे। इसके अलावा राज्य में तृणमूल कांग्रेस के एकमात्र विधायक शेरमन अली अहमद ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक महीने का वेतन देने की घोषणा की है।
वायुसेना का राहत अभियान जारी
असम और नागालैंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में भारतीय वायुसेना की ओर से मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान जारी है। खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद वायुसेना राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है।
भारतीय वायुसेना के अनुसार, पिछले 10 दिनों में उसके हेलीकॉप्टरों ने बाढ़ में फंसे 458 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में हवाई मार्ग से 9 टन से अधिक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई गई है।
वायुसेना के अधिकारी और जवान लगातार हेलीकॉप्टरों के माध्यम से दुर्गम और जलमग्न क्षेत्रों में राहत कार्य कर रहे हैं।
असम में अभी भी 631 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। राहत कार्य 184 शिविरों और वितरण केंद्रों के जरिए चलाए जा रहे हैं, जहां करीब 28,700 लोगों को आश्रय दिया गया है।
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