उपचुनाव नहीं लड़ेंगी ममता बनर्जी, नंदीग्राम-रेजीनगर से तृणमूल ने उतारे प्रत्याशी

HIGHLIGHTS
- दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है।
- शुभेंदु अधिकारी के नंदीग्राम सीट छोड़ने के बाद यहां उपचुनाव की स्थिति बनी है।
- रेजीनगर सीट से इस्तीफा देने के बाद हुमायूं कबीर के कारण इस सीट पर भी उपचुनाव हो रहा है।
कोलकाता। बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर अगले महीने होने वाले उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खुद चुनाव मैदान में उतरने की अटकलों पर अब विराम लग गया है।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले कालीघाट तृणमूल ने रविवार शाम दोनों सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। पार्टी ने पूर्व मेदिनीपुर जिले की हाईप्रोफाइल नंदीग्राम सीट से संचिता प्रधान (दे) और मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट से रबिउल आलम चौधरी को प्रत्याशी बनाया है।
6 अक्टूबर को होगा मतदान
उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही नंदीग्राम या रेजीनगर से ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने की लंबे समय से चल रही चर्चाएं समाप्त हो गई हैं। पार्टी के चुनाव चिन्ह को लेकर तृणमूल के दोनों धड़ों के बीच चल रही खींचतान के बीच कालीघाट खेमे ने दोनों सीटों पर पहले ही अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है।
इन उपचुनावों के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को सबसे पहले अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। इस साल मई में हुए विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और कोलकाता की भवानीपुर, दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। नियम के अनुसार उन्हें इनमें से एक सीट छोड़नी थी।
शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद यहां उपचुनाव हो रहा है। वहीं, आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर और नाउदा दोनों सीटों से जीत हासिल की थी। बाद में कबीर ने रेजीनगर से इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण इस सीट पर भी उपचुनाव हो रहा है।
ममता के चुनाव नहीं लड़ने पर ऋतब्रत गुट का तंज
उपचुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस फिलहाल दो धड़ों में बंटी हुई है। एक तरफ ममता बनर्जी समर्थित कालीघाट तृणमूल है, जबकि दूसरी ओर ऋतब्रत बनर्जी समर्थक गुट खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बता रहा है। ऋतब्रत गुट ने पहले कहा था कि अगर ममता बनर्जी चुनाव मैदान में उतरती हैं तो वह अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगा।
हालांकि, कालीघाट तृणमूल ने ममता बनर्जी के बजाय संचिता प्रधान को नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाया है। प्रत्याशी के नाम की घोषणा के बाद ऋतब्रत गुट के विधायक मदन मित्रा ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि उनका अनुमान है कि नंदीग्राम में जीत का अंतर 50 हजार हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा प्रत्याशी 50 हजार वोट से जीतेगा। मदन मित्रा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सामने संचिता या बंचिता कोई फैक्टर ही नहीं हैं।
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