मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, अलग-अलग हमलों में चार कुकी नागरिकों की मौत

HIGHLIGHTS
- टोलन गांव में घर पर हुई गोलीबारी में दंपती की जान चली गई, जबकि उनका नाबालिग बेटा घायल है।
- लॉन्गपी में एक अन्य महिला के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है।
- कुकी संगठनों ने एनआईए जांच और संवेदनशील इलाकों में स्थायी सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है।
मणिपुर। राज्य में रविवार को एक बार फिर हिंसा की घटनाएं सामने आईं। तामेंगलोंग और नोनी जिलों में हुए अलग-अलग हमलों में चार कुकी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल है। घटनाओं के बाद कुकी संगठनों ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ संवेदनशील गांवों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की स्थायी तैनाती की मांग की है। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर 24 घंटे की आर्थिक नाकेबंदी और इसके बाद अनिश्चितकालीन पूर्ण बंद की चेतावनी दी गई है।
टोलन में घर पर गोलीबारी, दंपती की मौत
तामेंगलोंग जिले के टोलन गांव में रविवार तड़के करीब चार बजे हथियारबंद हमलावरों ने एक परिवार के घर को निशाना बनाकर गोलीबारी की। गांव प्राधिकरण के अनुसार, लिंगजंगाई सिंगसित की मौके पर ही मौत हो गई। उनके पति सीनैह सिंगसित को गोली लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनका नाबालिग बेटा हेनमिनसांग भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ है।
गांव प्राधिकरण ने हमले में एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (के) के संदिग्ध कैडरों की भूमिका होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्राधिकरण ने टोलन और आसपास के कुकी गांवों में केंद्रीय बलों की तत्काल तैनाती के साथ घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
लॉन्गपी में भी दो कुकी नागरिकों की हत्या
टोलन की घटना के बाद नोनी जिले के लॉन्गपी कुकी गांव में भी हमला हुआ। कुकी संगठन कोटू के अनुसार, सेम्पाट गांव के रहने वाले थांगवेल गांगते और जूली गांगते की हत्या कर दी गई। वहीं, एक अन्य महिला के लापता होने की सूचना है।
संगठन ने दोनों घटनाओं में एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (के) की कथित भूमिका की जांच कराने की मांग की है।
एनआईए जांच और स्थायी सुरक्षा बल की मांग
कुकी इनपी जिरी, तामेंगलोंग और नोनी ने कहा कि टोलन में हुई गोलीबारी केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती वाली जगह से कुछ ही दूरी पर हुई। संगठन ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने और टोलन में स्थायी रूप से सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है।
संगठन ने सरकार को 24 घंटे का समय दिया है। उसका कहना है कि इस अवधि में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी और इसके बाद अनिश्चितकालीन पूर्ण बंद शुरू किया जाएगा। संगठन ने यह भी कहा है कि न्याय सुनिश्चित होने तक मृतकों के शव अंतिम संस्कार के लिए स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
ताजा घटनाएं ऐसे समय हुई हैं, जब कुकी समुदाय रविवार को ‘साहनित नी’ यानी कुकी ब्लैक डे के रूप में 1990 के दशक के संघर्ष में मारे गए लोगों को याद कर रहा था। एक ही दिन में चार हत्याओं के बाद मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में तनाव और सुरक्षा को लेकर चिंता फिर बढ़ गई है।
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