सरकारी स्कूल की रसोई में एक्सपायर्ड मसाला मिलने का दावा, दीपके ने सरकार से पूछा सवाल

HIGHLIGHTS
- रसोई निरीक्षण के दौरान मसाले का एक पैकेट मिलने का दावा
- पैकेट पर अगस्त 2025 की पैकिंग तारीख दर्ज होने की बात
- फरवरी 2026 से पहले इस्तेमाल की समयसीमा होने का दावा
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को एक सरकारी स्कूल की रसोई का वीडियो साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चों को कथित तौर पर एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री दी जा रही है। अपने एक्स पोस्ट में दीपके ने सरकार से सवाल किया कि क्या सत्ता में बैठे लोग ऐसा खाना अपने बच्चों को भी खिलाएंगे?
दीपके ने दावा किया कि स्कूल की रसोई में जांच के दौरान मसाले का एक पैकेट मिला, जिस पर पैकिंग की तारीख अगस्त 2025 दर्ज थी। उनके अनुसार, इस पैकेट का इस्तेमाल फरवरी 2026 से पहले किया जाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद ऐसी सामग्री ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के भोजन में इस्तेमाल की जा रही है।
वीडियो में दिखा एक्सपायर्ड मसाले का पैकेट?
साझा किए गए वीडियो में अभिजीत दीपके स्कूल की रसोई का निरीक्षण करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने मसाले के पैकेट पर दर्ज तारीख दिखाते हुए सवाल उठाए। उनका दावा है कि खाद्य सामग्री इस्तेमाल की तय अवधि पूरी कर चुकी थी।
दीपके ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि ग्रामीण भारत के बच्चों को एक्सपायर्ड खाना दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दे उठाने पर अगर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाती है, तब भी वह कथित सच्चाई को सामने लाने से पीछे नहीं हटेंगे।
क्या है 'स्कूल ठीक करो' अभियान?
यह निरीक्षण सीजेपी के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत किया गया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में मौजूद कथित कमियों को सामने लाना और सरकार से उन पर कार्रवाई की मांग करना है।
अभियान के दौरान स्कूलों की कक्षाओं की स्थिति के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इनमें स्कूल की इमारत, शौचालय और बच्चों के लिए उपलब्ध अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं।
गांव में स्कूल नहीं तो बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी?
दीपके ने महाराष्ट्र में अभियान के तहत अपनी पहली स्कूल यात्रा का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, कई छात्रों को पढ़ाई के लिए कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, क्योंकि उनके गांव में स्कूल नहीं है। पर्याप्त परिवहन सुविधा का अभाव भी बच्चों के सामने समस्या बनी हुई है।
सीजेपी के अनुसार, अभियान केवल स्कूल के अंदर की स्थिति की जांच तक सीमित नहीं है। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि बच्चे सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंच पा रहे हैं या नहीं और स्कूल पहुंचने के बाद उन्हें जरूरी बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं।
देशभर के स्कूलों का डेटा जुटाने की तैयारी
अभियान के तहत दीपके ने अभिभावकों और सरकारी अधिकारियों से स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर एक चेकलिस्ट तैयार करने की अपील की है। पार्टी महाराष्ट्र समेत देश के अलग-अलग हिस्सों के स्कूलों से जानकारी जुटाने की योजना बना रही है।
इसके बाद इस जानकारी को एकत्र करके स्कूलों की स्थिति से संबंधित डेटा तैयार किया जाएगा। हालांकि, अभियान का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि जुटाए गए आंकड़ों और जांच के आधार पर जमीन पर कितनी ठोस कार्रवाई होती है।
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