FSSAI की जांच में एवरेस्ट और लालजी गोधू की हींग फेल, बिक्री पर रोक

HIGHLIGHTS
- एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद जांच शुरू की गई थी
- दोनों ब्रांड्स के सैंपल निर्धारित खाद्य मानकों पर खरे नहीं उतरे
- कम्पाउंडेड हींग में अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट 0 से 3% मिला
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने एवरेस्ट और लालजी गोधू ब्रांड के कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक लगा दी है। जांच में दोनों कंपनियों के हींग के सैंपल निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। एक शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में एवरेस्ट और लालजी गोधू के कम्पाउंडेड हींग में असली हींग की मात्रा तय सीमा से करीब 30 से 40 प्रतिशत तक कम मिली।
शिकायत के बाद जांच में क्या सामने आया?
मामला एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायत में एक ब्रांड की हींग की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद एफएसएसएआई ने बाजार में मौजूद प्रमुख हींग ब्रांड्स की जांच शुरू की। शुरुआती लैब रिपोर्ट में एवरेस्ट और लालजी गोधू के कम्पाउंडेड हींग के सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।
इसके बाद मुंबई स्थित दोनों कंपनियों की सेंट्रल लाइसेंस वाली यूनिट्स से सैंपल लिए गए और जांच के लिए भेजे गए। गुजरात के उम्बरगांव स्थित एवरेस्ट की एक अन्य यूनिट से भी गुजरात राज्य के खाद्य विभाग के सहयोग से सैंपल लिए गए। जांच में इन सभी सैंपल्स को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
कम्पाउंडेड हींग में कितनी असली हींग जरूरी है?
नियमों के अनुसार कम्पाउंडेड हींग बनाने के लिए असली हींग को गोंद, स्टार्च और आटे के साथ मिलाया जाता है। इसमें कम से कम 5 प्रतिशत अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट होना आवश्यक है। हालांकि जांच के दौरान संबंधित उत्पादों में इसकी मात्रा केवल 0 से 3 प्रतिशत के बीच मिली।
इसका अर्थ है कि इन उत्पादों में निर्धारित मानक की तुलना में असली हींग की मात्रा करीब 30 से 40 प्रतिशत तक कम थी। इसी आधार पर एफएसएसएआई ने संबंधित कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया।
लालजी गोधू की असली हींग में स्टार्च कितना मिला?
जांच के दौरान लालजी गोधू की यूनिट से लिए गए असली हींग के छह अलग-अलग किस्मों के सैंपल भी जांचे गए। नियमों के अनुसार असली हींग में स्टार्च की मात्रा एक प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। लेकिन जांच में इन छह किस्मों में स्टार्च की मात्रा 15 से 32 प्रतिशत तक पाई गई।
यानी इन सैंपल्स में स्टार्च की मात्रा निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक मिली।
क्या दूसरे मसालों की बिक्री पर भी रोक है?
एफएसएसएआई का यह आदेश केवल संबंधित हींग उत्पादों पर लागू है। कंपनियों के अन्य मसाला उत्पाद इस रोक के दायरे में नहीं हैं। इनमें अंडा करी मसाला, चिकन करी मसाला और गरम मसाला शामिल हैं।
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