हिमाचल के सरकारी CBSE स्कूलों में बदले नियुक्ति के नियम, अब सिर्फ मेरिट नहीं बनेगी आधार

HIGHLIGHTS
- शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने सोमवार को नए नियम जारी किए।
- शिक्षक आवेदन में पसंद के स्कूल का विकल्प दे सकेंगे।
- पसंद के स्कूल में नियुक्ति की गारंटी नहीं होगी।
शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में अब शिक्षकों की नियुक्ति केवल मेरिट के आधार पर नहीं होगी। सरकार ने स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में सीबीएसई के तहत शिक्षकों की नियुक्ति के नियमों में बदलाव किया है। नई व्यवस्था में शिक्षक की पसंद के स्कूल, बचे हुए सेवाकाल, वरीयता, कार्य-आचरण और प्रशासनिक जरूरत को भी नियुक्ति के आधार में शामिल किया जाएगा।
सोमवार को शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के सब काडर के तहत नियुक्ति और तैनाती की प्रक्रिया में संशोधन करते हुए नए नियम जारी किए।
भर्ती के लिए लागू होंगे नए प्रावधान
नए नियमों के अनुसार, प्रदेश सरकार जरूरत के मुताबिक सरकारी सेवा में कार्यरत शिक्षकों से सीबीएसई से संबद्ध स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में नियुक्ति के लिए आवेदन मांग सकेगी। आवेदन करते समय शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल का विकल्प भी दे सकेंगे। हालांकि, पसंद के स्कूल में नियुक्ति मिलने की कोई गारंटी नहीं होगी।
विभाग उपलब्ध रिक्तियों और तय किए गए अन्य मानकों के आधार पर अंतिम निर्णय लेगा। कुछ महीने पहले प्रदेश सरकार ने सीबीएसई से संबद्ध स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 5,623 सेवारत शिक्षकों को सब काडर के तहत नियुक्त करने की योजना बनाई थी। इसके लिए चयन परीक्षा कराई गई थी, जिसमें प्रदेशभर से 9,821 शिक्षकों ने भाग लिया था। परीक्षा शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के माध्यम से आयोजित की गई थी।
मेरिट सूची में 6,084 शिक्षक शामिल
मेरिट सूची में कुल 6,084 शिक्षक शामिल हुए थे। इनकी काउंसलिंग के लिए निदेशालय की ओर से शेड्यूल भी जारी किया गया था, लेकिन बाद में पंचायतीराज चुनाव का हवाला देते हुए इसे वापस ले लिया गया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंच गया।
हालांकि, निदेशालय ने 147 प्रिंसिपलों की काउंसलिंग कर मेरिट के आधार पर सीबीएसई स्कूल आवंटित कर दिए हैं। पुरानी व्यवस्था में चयन परीक्षा और मेरिट को नियुक्ति प्रक्रिया का प्रमुख आधार माना गया था। अब नियमों में संशोधन के बाद पहले से चल रही नियुक्ति प्रक्रिया का स्वरूप भी बदल गया है।
पहले से तैनात शिक्षकों को भी रखा जा सकेगा
नई व्यवस्था में यह प्रावधान भी किया गया है कि किसी स्कूल में पहले से कार्यरत शिक्षक को प्रशासनिक दृष्टि से उपयुक्त पाए जाने पर उसी स्कूल में बनाए रखा जा सकता है। यानी हर स्थिति में मौजूदा शिक्षक को हटाकर नए शिक्षक की नियुक्ति करना अनिवार्य नहीं होगा।
इस प्रावधान से स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में पहले से सेवाएं दे रहे शिक्षकों की स्थिति को भी नई व्यवस्था में सुरक्षित रखने का रास्ता खुल गया है। अधिसूचना में सरकार ने नियुक्ति के विकल्प भी खुले रखे हैं। जरूरत पड़ने पर सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति सीधी भर्ती या स्थानांतरण के जरिए की जा सकेगी।
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