CM योगी ने लॉन्च किए 'कौशल सारथी' और 'कौशल सेतु' मॉड्यूल, 21 युवा आइकॉन को किया सम्मानित

HIGHLIGHTS
- लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विश्व युवा कौशल दिवस-2026 पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित
- मुख्यमंत्री ने 'कौशलम' पुस्तिका का किया विमोचन, कई औद्योगिक संस्थानों के साथ हुए एमओयू
- उत्कृष्ट कार्य करने वाले राजकीय आईटीआई, प्रशिक्षण प्रदाताओं और एजेंसियों के प्रतिनिधियों को भी मिला सम्मान
लखनऊ। विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर बुधवार को राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कौशल सारथी और कौशल सेतु मॉड्यूल का शुभारंभ किया। इसके अलावा उन्होंने कौशलम पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस मौके पर विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किए गए।
मुख्यमंत्री ने उच्च वेतन वाली नौकरियों में नियुक्ति पाने वाले और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 21 युवा आइकॉन को सम्मानित किया। इसके साथ ही बेहतर कार्य करने वाले राजकीय आईटीआई, प्रशिक्षण प्रदाताओं और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन एजेंसियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।
स्किल आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का माध्यम
कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि पूरी दुनिया के लिए उत्तर प्रदेश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काम एक मॉडल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश बढ़ा है और इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार हुआ है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को आज सम्मान मिल रहा है, जिससे अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी और वे स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऊर्जा और आतंकवाद के विरोध की बात करते हैं, साथ ही युवाओं को स्वावलंबी बनाने पर भी जोर देते हैं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का माध्यम है।
उन्होंने बताया कि स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया अभियान के तहत उद्योगों की जरूरत के अनुसार स्किल मैन पावर तैयार की जा रही है। अब तक 20 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है और 10 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशल विकास के लिए 3300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। टाटा ग्रुप के साथ एमओयू किया गया है और नई तकनीक के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
2017 से पहले यूपी की सरकार सबसे बड़ा अपशकुन थी: CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के नाते यह खुशी की बात है कि उत्तर प्रदेश के पास सबसे बड़ा युवा बल है। सरकार इस युवा शक्ति को कौशल से जोड़कर प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
सीएम योगी ने कहा कि आज जो युवा हैं, वे 2017 से पहले बच्चे थे। उस समय माता-पिता अपने बच्चों को किसी भी अपशकुन से बचाते हैं, लेकिन उस समय की सरकार ही सबसे बड़ा अपशकुन थी। उन्होंने कहा कि उस समय न कौशल था और न ही स्कूली शिक्षा, सब कुछ नदारद था।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले न बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी सुरक्षित था। युवाओं के सामने पहचान का संकट था। कोई बच्चा किसी तरह पढ़ाई कर भी लेता था तो उत्तर प्रदेश में नौकरी के अवसर नहीं थे। सरकारी नौकरी निकलती भी थी तो चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली में जुट जाती थी और कोर्ट को स्टे देना पड़ता था। उन्होंने कहा कि प्रकृति और परमात्मा की असीम कृपा वाले इस प्रदेश को धीरे-धीरे बीमारू बना दिया गया था।
युवाओं को घर पर मिली नौकरी, सरकार को मिल रहा GST
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के दौरान जब लखनऊ में डीआरडीओ सेंटर स्थापित करने की बात आई थी, तो इसके लिए काफी प्रतिस्पर्धा थी। लेकिन प्रयास करके इसे उत्तर प्रदेश में स्थापित कराया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि यहां यूपी के युवाओं को रोजगार मिले।
उन्होंने बताया कि आज 500 से अधिक युवाओं को अपने घर पर ही नौकरी मिल गई है। डीआरडीओ का सामान बिकने पर राज्य सरकार को जीएसटी भी मिलती है। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को रोजगार मिला और सरकार को भी राजस्व प्राप्त हो रहा है। सीएम योगी ने कहा कि आज जो बड़े उद्यमी हैं, उन्होंने भी कभी युवा अवस्था में छोटे स्तर पर स्टार्टअप से शुरुआत की थी। उन्होंने निर्णय लेने की क्षमता विकसित की और आज दुनिया के सामने बड़े उद्यमी के रूप में मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर स्किलिंग सेंटर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने बजट की व्यवस्था कर दी है। उन्होंने कहा कि जो युवा विदेश जाकर काम करना चाहते हैं, उनके लिए भी सरकार आवश्यक व्यवस्था करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है और युवाओं की ताकत के दम पर इसे हासिल किया जाएगा।
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