नेपाल बाढ़ में भारतीयों को लेकर चिंता बरकरार, 320 लापता; विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

HIGHLIGHTS
- विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को लेकर जानकारी दी
- काठमांडू पहुंचे 21 भारतीय नागरिक दिल्ली लौटे
- त्रिशूली वन जलविद्युत परियोजना से 63 भारतीयों को बचाया गया
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि अब तक 320 भारतीय ऐसे हैं, जिनसे संपर्क नहीं हो पाया है या जो लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा करीब 100 भारतीय मूल के लोग भी संपर्क से बाहर हैं, जिनके पास अन्य देशों की नागरिकता है।
नेपाल बाढ़ के बाद कितने भारतीय सुरक्षित लौटे?
राहत की खबर यह है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से काठमांडू पहुंचे 21 भारतीय नागरिक अब दिल्ली पहुंच चुके हैं। ये सभी तमिलनाडु के रहने वाले हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, भारतीय राजदूत ने काठमांडू में इन लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था।
इसके अलावा त्रिशूली वन जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले 63 भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित बचा लिया गया है।
चीन की तरफ फंसे भारतीयों की क्या स्थिति?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन की तरफ करीब 400 भारतीय नागरिक मौजूद हैं और सभी सुरक्षित हैं। इनमें कई लोग अपने परिवारों के संपर्क में भी हैं। भारतीय दूतावास लगातार इनसे संपर्क बनाए हुए है।
परिवारों ने बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन के माध्यम से मदद मांगी है। दूतावास चीन के स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और इन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है।
चीन से कितने भारतीय नेपाल पहुंच चुके हैं?
चीन की तरफ फंसे 96 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से जमीन के रास्ते नेपाल पहुंच चुके हैं। अब उन्हें वहां से सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों के परिवार अपने परिजनों की जानकारी के लिए लगातार परेशान हैं। 320 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाने की जानकारी ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।
करीब 100 भारतीय मूल के लोगों की चिंता क्यों बढ़ी?
करीब 100 ऐसे लोग भी संपर्क से बाहर हैं, जो भारतीय मूल के हैं, लेकिन उनके पास अन्य देशों की नागरिकता है। बताया गया है कि इनमें कुछ लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए हो सकते हैं।
ऐसे में इन लोगों की स्थिति का पता लगाना भी चुनौती बना हुआ है। भारतीय पक्ष इनकी जानकारी जुटाने और मदद पहुंचाने के प्रयास कर रहा है।
नेपाल में भारत बढ़ा रहा राहत और बचाव की मदद
नेपाल में बाढ़ की त्रासदी के बीच भारत ने राहत और बचाव के प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके तहत 26 अगस्त की शाम पहला राहत विमान भेजा गया था, जिसमें 10 टन राहत सामग्री थी। इसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप और दवाएं शामिल थीं।
इसके बाद 27 अगस्त को दूसरा विमान करीब 37.5 टन राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ। इसमें टेंट, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप, पानी निकालने वाले पंप, रसोई के सामान, जनरेटर, दवाएं और खाद्य सामग्री भेजी गई।
भारत तीसरे राहत विमान को भी भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके जरिए करीब 12 से 13 टन सामान भेजे जाने की बात कही गई है। इसमें पोर्टेबल जनरेटर, महिलाओं के लिए जरूरी किट, भोजन, पानी साफ करने वाली गोलियां और दवाएं शामिल होंगी।
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